आज शनिवार की सुबह मिडिल ईस्ट के इतिहास का सबसे खतरनाक मोड़ साबित हुई है। ताजा अपडेट के अनुसार, इजरायल ने अकेले नहीं बल्कि अमेरिका (US) के साथ मिलकर ईरान पर एक साथ कई बड़े हमले किए हैं। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने आधिकारिक पुष्टि की है कि अमेरिका इस सैन्य अभियान में पूरी तरह इजरायल के साथ खड़ा है। तेहरान के यूनिवर्सिटी स्ट्रीट और जम्हूरी इलाकों में हुए भीषण धमाकों के पीछे अमेरिकी खुफिया जानकारी और इजरायली मिसाइलों का सटीक तालमेल बताया जा रहा है। हमले के तुरंत बाद पूरे इजरायल में इमरजेंसी (आपातकाल) लागू कर दी गई है और तेल अवीव में हाई अलर्ट घोषित है। अमेरिका की इस सीधी भागीदारी ने दुनिया को चौंका दिया है, क्योंकि अब यह केवल दो देशों का विवाद नहीं बल्कि एक वैश्विक जंग का रूप ले चुका है।
अफगानिस्तान-पाकिस्तान तनाव के बीच ‘सुपरपावर’ की एंट्री
यह हमला उस वक्त हुआ है जब दुनिया पहले से ही अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच छिड़ी भीषण जंग को लेकर डरी हुई थी। अब ईरान पर अमेरिका और इजरायल के साझा हमले ने ‘तीसरे विश्व युद्ध’ की आशंका को हकीकत में बदल दिया है। खबरों के मुताबिक, अमेरिकी बेड़े और लड़ाकू विमानों ने इस ऑपरेशन में लॉजिस्टिक और तकनीकी सहायता प्रदान की है। इजरायली सेना का कहना है कि उन्होंने ईरान के उन परमाणु और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है, जो दुनिया की शांति के लिए खतरा थे। वहीं, तेहरान से आ रही तस्वीरों में धुआं और आग का तांडव साफ दिख रहा है। ईरान के सरकारी चैनलों ने इस हमले को ‘कायरतापूर्ण’ बताते हुए अमेरिका को भी गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है।
सायरन की गूंज और इजरायल में दहशत का माहौल
इजरायल के शहरों में हालात बेहद गंभीर हैं। सुबह से ही पूरे देश में खतरे के सायरन बज रहे हैं। तेल अवीव, हाइफा और यरूशलेम में नागरिकों को सुरक्षित बंकरों में जाने के लिए कहा गया है। अमेरिकी दूतावास ने भी अपने नागरिकों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है। इजरायली शहरों में सुरक्षा इतनी कड़ी कर दी गई है कि चप्पे-चप्पे पर सेना तैनात है। प्रशासन को डर है कि ईरान अपनी ‘प्रॉक्सि’ सेनाओं और लंबी दूरी की मिसाइलों से इजरायल के रिहायशी इलाकों को निशाना बना सकता है। लोगों को राशन और जरूरी सामान इकट्ठा करने की सलाह दी गई है। यह पहली बार है जब अमेरिका ने इस तरह खुलकर इजरायल के साथ मिलकर ईरान के मुख्य ठिकानों पर प्रहार किया है।
क्या शुरू हो गया महाविनाश? दुनिया पर परमाणु खतरा
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिका की इस जंग में सीधी एंट्री का मतलब है कि रूस और चीन भी अब शांत नहीं बैठेंगे। एक तरफ जहाँ एशिया में पाकिस्तान और अफगानिस्तान आपस में उलझे हैं, वहीं अब अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी यह जंग मानवता को विनाश की ओर ले जा सकती है। ईरान के सुप्रीम लीडर ने अपनी सेना को ‘हर तरह की जवाबी कार्रवाई’ के लिए तैयार रहने का आदेश दिया है। अगर ईरान ने जवाबी हमला किया, तो यह पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था, कच्चे तेल की सप्लाई और वैश्विक शांति को पूरी तरह खत्म कर सकता है। क्या हम एक ऐसे मोड़ पर खड़े हैं जहाँ से वापसी संभव नहीं? पूरी दुनिया इस वक्त सहमी हुई है और आने वाले कुछ घंटे मानवता का भविष्य तय करेंगे।






