उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में चर्चित गो रक्षक ‘फरसा वाले बाबा’ की मौत के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। उनका असली नाम संत चंद्रशेखर था, लेकिन हाथ में हमेशा फरसा (कुल्हाड़ी जैसा शस्त्र) रखने की वजह से लोग उन्हें इसी नाम से जानते थे। ब्रज क्षेत्र, खासकर कोसीकलां और बरसाना के आसपास, वे गौ-वंश की रक्षा के लिए सक्रिय रहते थे। स्थानीय लोगों के बीच उनकी छवि एक निडर और मुखर गौ रक्षक की थी, जो अवैध गौ तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाते थे।
मौत के बाद क्यों भड़का गुस्सा?
फरसा वाले बाबा की मौत की खबर फैलते ही उनके समर्थकों में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और आगरा-मथुरा हाईवे पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव बना हुआ है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
कैसे हुई घटना, क्या हैं आरोप?
समर्थकों का आरोप है कि शनिवार तड़के करीब चार बजे फरसा वाले बाबा को गौ तस्करी की सूचना मिली थी। इसके बाद वे अपनी मोटरसाइकिल से मौके की ओर निकले। बताया जा रहा है कि तस्करों का पीछा करते समय एक ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों और समर्थकों का दावा है कि यह हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन हरकत में, कार्रवाई का भरोसा
घटना के बाद प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और कानून-व्यवस्था बनाए रखी जाए। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। फिलहाल, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।






