उत्तर प्रदेश में आध्यात्मिक गुरु आशुतोष ब्रह्मचारी पर हुए कथित हमले के बाद मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। जानकारी के मुताबिक आशुतोष ब्रह्मचारी रीवा एक्सप्रेस ट्रेन से प्रयागराज जा रहे थे, तभी उन पर जानलेवा हमला किया गया। उन्होंने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने धारदार हथियार से उन पर हमला किया और उनकी नाक काटने की भी कोशिश की गई। इस घटना के बाद उन्होंने जीआरपी पुलिस को शिकायत देकर मामले की जांच की मांग की है। आशुतोष ब्रह्मचारी का दावा है कि यह हमला उन्हें कोर्ट में सबूत पेश करने से रोकने के लिए कराया गया।
शंकराचार्य की प्रतिक्रिया, बोले- माहौल बनाने की कोशिश
इस पूरे मामले पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि जिस तरह से घटना को बताया जा रहा है, उसमें कई सवाल खड़े होते हैं। शंकराचार्य ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति कह रहा है कि वह बाथरूम तक ठीक था और बाहर आने के बाद उसके साथ हमला हो गया, तो यह बात समझ से परे है। उन्होंने कहा कि यह केवल माहौल बनाने के लिए रची गई कहानी लगती है। उनके मुताबिक इस तरह की बातों से ऐसा प्रतीत होता है कि किसी खास मकसद से यह मुद्दा उठाया जा रहा है।
रेलवे सुरक्षा पर भी उठाए सवाल
शंकराचार्य ने इस मामले को लेकर रेलवे प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अगर किसी यात्री पर ट्रेन में हमला होता है तो यह बहुत गंभीर मामला है। ट्रेन और रेलवे स्टेशन को आमतौर पर सुरक्षित जगह माना जाता है, ऐसे में अगर कोई घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन और जीआरपी को लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं का जवाब संबंधित विभागों को देना होगा ताकि यात्रियों की सुरक्षा को लेकर लोगों का भरोसा बना रहे।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने लगाए साजिश के आरोप
वहीं आशुतोष ब्रह्मचारी ने इस हमले के पीछे बड़ी साजिश होने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि वह कुछ मामलों से जुड़े सबूत इकट्ठा करके प्रयागराज जा रहे थे, ताकि उन्हें अदालत में पेश किया जा सके। उनका कहना है कि इसी वजह से उन्हें रास्ते में निशाना बनाया गया। उन्होंने कुछ लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई है और मांग की है कि उनके पास मौजूद सबूत सुरक्षित तरीके से हाईकोर्ट तक पहुंचाए जाएं। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।