Kushinagar News: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के लक्ष्मीपुर गांव में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने पूरे इलाके को हैरान कर दिया। एक घर में पहले एक छोटा कोबरा दिखाई दिया, लेकिन जब उसकी तलाश शुरू हुई तो एक के बाद एक कुल 28 जहरीले कोबरा के बच्चे निकल आए। यह नजारा देखकर परिवार के साथ-साथ आसपास के लोग भी डर गए। सूचना मिलते ही गांव में भीड़ जुटने लगी और हर किसी के मन में यही सवाल था कि आखिर एक ही घर में इतने जहरीले सांप कैसे पहुंच गए। राहत की बात यह रही कि समय रहते रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई और किसी भी व्यक्ति को नुकसान नहीं हुआ। हालांकि बड़े कोबरा के नहीं मिलने से गांव के लोगों में अब भी डर बना हुआ है।
रात में दिखा पहला कोबरा, सुबह शुरू हुआ बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन
जानकारी के अनुसार, कृष्णा शुक्ला के परिवार ने देर रात करीब दो बजे घर के अंदर एक कोबरा के बच्चे को देखा। परिवार के लोगों ने घबराने के बजाय सावधानी बरती और उसे सुरक्षित तरीके से एक डिब्बे में बंद कर दिया। इसके बाद उन्हें शक हुआ कि घर में और भी सांप हो सकते हैं। सुबह होते ही स्थानीय लोगों ने सर्प मित्र हरेंद्र कुशवाहा को सूचना दी। सूचना मिलते ही वह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे घर की बारीकी से जांच शुरू की। जैसे-जैसे तलाश आगे बढ़ती गई, मकान के अलग-अलग हिस्सों से लगातार कोबरा के बच्चे निकलते रहे। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोग भी हैरान रह गए और पूरे गांव में घटना की चर्चा फैल गई।
तीन घंटे की मशक्कत के बाद पकड़े गए सभी कोबरा के बच्चे
रेस्क्यू टीम ने पूरे अभियान के दौरान बेहद सावधानी बरती। करीब तीन घंटे तक लगातार चले अभियान में सभी 28 कोबरा के बच्चों को सुरक्षित पकड़ लिया गया। किसी भी सांप को नुकसान पहुंचाए बिना उन्हें विशेष कंटेनरों में रखा गया। सर्प मित्र हरेंद्र कुशवाहा ने बताया कि यदि समय रहते इन सांपों को नहीं पकड़ा जाता तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता था। कोबरा बेहद जहरीले होते हैं और इनके संपर्क में आने से जान का खतरा रहता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि घर में सांप दिखाई देने पर खुद पकड़ने की कोशिश न करें, बल्कि तुरंत प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना दें। इससे लोगों की सुरक्षा भी बनी रहती है और सांपों का भी संरक्षण होता है।
बड़े कोबरा की तलाश जारी, ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
हालांकि सभी छोटे कोबरा सुरक्षित पकड़ लिए गए हैं, लेकिन माना जा रहा है कि इनके माता-पिता यानी बड़े कोबरा आसपास मौजूद हो सकते हैं। इसी वजह से रेस्क्यू टीम ने इलाके की निगरानी जारी रखी है। ग्रामीणों से कहा गया है कि वे घरों के आसपास साफ-सफाई रखें, झाड़ियों और कबाड़ को हटाएं तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें। पकड़े गए सभी कोबरा के बच्चों को प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित छोड़ने की तैयारी की जा रही है, ताकि वे आबादी से दूर रह सकें। इस घटना ने लोगों को यह भी संदेश दिया है कि बरसात के मौसम में सांपों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं, इसलिए सावधानी और सतर्कता बेहद जरूरी है। समय पर सूचना और सही कार्रवाई से बड़ी दुर्घटनाओं को टाला जा सकता है।
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