Vrindavan News: वृंदावन के चंद्रोदय मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक विद्युत सजावट से सजाया गया था। उत्सव के दौरान लड्डू गोपाल का अभिषेक, विशेष श्रृंगार, झूलन उत्सव, छप्पन भोग और भजन-कीर्तन आयोजित किए गए। वैदिक मंत्रों के बीच भगवान श्री राधा वृंदावन चंद्र का पंचगव्य, 108 तरह के फलों के रस, औषधियों और फूलों से महाभिषेक किया गया। भगवान को श्याम रंग के रेशमी और चांदी की कढ़ाई वाले वस्त्र पहनाए गए। निताई-गौरांग का भी फूलों और आभूषणों से विशेष श्रृंगार किया गया।
रात 12 बजे गूंजे जयकारे, देशभर से पहुंचे श्रद्धालु
मंदिर अध्यक्ष चंचलापति दास ने कहा कि श्रीकृष्ण को सभी अवतारों का मूल और पूर्ण भगवान माना गया है। उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी भगवान के प्राकट्य के साथ-साथ भक्तों के मन में प्रेम और भक्ति को मजबूत करने का अवसर भी है। रात 12 बजे श्रीकृष्ण के प्राकट्य के साथ ही मंदिर परिसर हरे कृष्ण महामंत्र और जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने हरिनाम संकीर्तन और वैष्णव संगीत में उत्साह से भाग लिया। मंदिर में प्राकृतिक सुगंध और इत्र से भक्तिमय वातावरण बना रहा। लखनऊ, आगरा, दिल्ली, जयपुर समेत कई शहरों से श्रद्धालु वृंदावन पहुंचे और जन्माष्टमी उत्सव में शामिल हुए।
