उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों की सुविधाओं और बजट को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने स्मार्ट स्कूल योजना को लेकर सरकार से सवाल पूछे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि CJP के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान की शुरुआत के कुछ ही घंटों बाद प्रदेश सरकार ने हजारों प्राथमिक स्कूलों को स्मार्ट स्कूल बनाने का फैसला किया। दास ने योजना के लिए किए गए बजट प्रावधान और स्कूलों की संख्या के बीच अंतर का मुद्दा उठाया है।
14 हजार स्कूल और बजट का मुद्दा
सौरव दास के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 14 हजार से अधिक प्राथमिक स्कूलों को स्मार्ट स्कूल बनाने की बात कही गई है। उनका दावा है कि प्रति स्कूल करीब 2 लाख रुपये के हिसाब से तय बजट इतने बड़े लक्ष्य के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि यदि योजना के तहत इतने स्कूलों में बदलाव किया जाना है, तो सभी के लिए पर्याप्त धनराशि का प्रावधान क्यों नहीं किया गया। दास ने अपने बयान में बीजेपी कार्यालय के निर्माण पर होने वाले खर्च से भी इसकी तुलना की। यह तुलना उनके राजनीतिक बयान का हिस्सा है, इसे स्वतंत्र रूप से सरकारी आंकड़े के रूप में स्थापित नहीं किया गया है।
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In less than 6 hours of our school social audit starting in Uttar Pradesh, Yogi government’s cabinet took a decision to “transform” some 14,000+ primary schools into “smart schools”.
But the budget allocated is 300 schools. A mere 2 Lakhs per school.
But 300… pic.twitter.com/yZSME0bmK6
— Saurav Das (@SauravDassss) September 15, 2026
CJP के स्कूल ठीक करो अभियान में क्या हो रहा?
CJP अपने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत सरकारी स्कूलों की स्थिति का सोशल ऑडिट कर रही है। संगठन की टीम स्कूलों में इमारत, कक्षाओं, शौचालय, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति देखने का दावा कर रही है। सितंबर में टीम ने नोएडा के सरकारी स्कूलों का निरीक्षण भी किया था। अभियान के जरिए संगठन का उद्देश्य स्कूलों की जमीनी समस्याओं को सामने लाना और युवाओं को इस मुहिम से जोड़ना है। सौरव दास ने लोगों से अपने आसपास के सरकारी स्कूलों की स्थिति की जानकारी जुटाने की अपील की है।
स्कूल बंद होने के दावे पर शिक्षा विभाग की सफाई
नोएडा में निरीक्षण के बाद सौरव दास ने गौतम बुद्ध नगर के सरकारी स्कूलों को बंद करने के निर्देश दिए जाने का दावा किया था। हालांकि, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने इस दावे को गलत और भ्रामक बताया। शिक्षा विभाग के अनुसार, जिले के परिषदीय स्कूल तय समय के अनुसार संचालित हो रहे थे और स्कूल बंद करने का कोई आदेश जारी नहीं हुआ था। ऐसे में स्मार्ट स्कूल योजना के बजट और स्कूलों की सुविधाओं को लेकर उठे सवालों के बीच सरकारी पक्ष और CJP के दावों को अलग-अलग समझना जरूरी है।
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