Home UP यूपी में स्मार्ट स्कूल योजना पर CJP ने उठाए सवाल, सौरव दास...

यूपी में स्मार्ट स्कूल योजना पर CJP ने उठाए सवाल, सौरव दास ने कहा- ‘6 घंटे के भीतर ही…’

उत्तर प्रदेश की स्मार्ट स्कूल योजना और बजट को लेकर CJP प्रवक्ता सौरव दास ने सवाल उठाए। जानिए स्कूल ठीक करो अभियान और शिक्षा विभाग की सफाई से जुड़ी पूरी खबर।

CJP के सौरव दास

उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों की सुविधाओं और बजट को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने स्मार्ट स्कूल योजना को लेकर सरकार से सवाल पूछे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि CJP के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान की शुरुआत के कुछ ही घंटों बाद प्रदेश सरकार ने हजारों प्राथमिक स्कूलों को स्मार्ट स्कूल बनाने का फैसला किया। दास ने योजना के लिए किए गए बजट प्रावधान और स्कूलों की संख्या के बीच अंतर का मुद्दा उठाया है।

 14 हजार स्कूल और बजट का मुद्दा

सौरव दास के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 14 हजार से अधिक प्राथमिक स्कूलों को स्मार्ट स्कूल बनाने की बात कही गई है। उनका दावा है कि प्रति स्कूल करीब 2 लाख रुपये के हिसाब से तय बजट इतने बड़े लक्ष्य के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि यदि योजना के तहत इतने स्कूलों में बदलाव किया जाना है, तो सभी के लिए पर्याप्त धनराशि का प्रावधान क्यों नहीं किया गया। दास ने अपने बयान में बीजेपी कार्यालय के निर्माण पर होने वाले खर्च से भी इसकी तुलना की। यह तुलना उनके राजनीतिक बयान का हिस्सा है, इसे स्वतंत्र रूप से सरकारी आंकड़े के रूप में स्थापित नहीं किया गया है।

CJP के स्कूल ठीक करो अभियान में क्या हो रहा?

CJP अपने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत सरकारी स्कूलों की स्थिति का सोशल ऑडिट कर रही है। संगठन की टीम स्कूलों में इमारत, कक्षाओं, शौचालय, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति देखने का दावा कर रही है। सितंबर में टीम ने नोएडा के सरकारी स्कूलों का निरीक्षण भी किया था। अभियान के जरिए संगठन का उद्देश्य स्कूलों की जमीनी समस्याओं को सामने लाना और युवाओं को इस मुहिम से जोड़ना है। सौरव दास ने लोगों से अपने आसपास के सरकारी स्कूलों की स्थिति की जानकारी जुटाने की अपील की है।

 स्कूल बंद होने के दावे पर शिक्षा विभाग की सफाई

नोएडा में निरीक्षण के बाद सौरव दास ने गौतम बुद्ध नगर के सरकारी स्कूलों को बंद करने के निर्देश दिए जाने का दावा किया था। हालांकि, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने इस दावे को गलत और भ्रामक बताया। शिक्षा विभाग के अनुसार, जिले के परिषदीय स्कूल तय समय के अनुसार संचालित हो रहे थे और स्कूल बंद करने का कोई आदेश जारी नहीं हुआ था। ऐसे में स्मार्ट स्कूल योजना के बजट और स्कूलों की सुविधाओं को लेकर उठे सवालों के बीच सरकारी पक्ष और CJP के दावों को अलग-अलग समझना जरूरी है।

Read More-किराए के मकान में रहते हैं तो जान लें नया नियम, योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला

Exit mobile version