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SIT जांच के बीच चंपत राय का बड़ा फैसला! रोज 6 घंटे रहेंगे मौन, आखिर क्यों उठाया यह कदम?

 राम मंदिर चढ़ावा मामले की SIT जांच के बीच पूर्व महासचिव चंपत राय ने चार महीने के चातुर्मास के दौरान रोज 6 घंटे मौन व्रत रखने का फैसला किया। जानिए पूरा मामला, नई SIT और प्रवेश व्यवस्था से जुड़ी सभी अहम जानकारी।

चंपत राय

Ayodhya Ram Mandir News: अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावा मामले की जांच के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने एक अहम निर्णय लिया है। देवशयनी एकादशी के अवसर पर उन्होंने चातुर्मास की साधना शुरू करते हुए मौन व्रत धारण करने की घोषणा की है। जारी जानकारी के अनुसार, वह अगले चार महीनों तक प्रतिदिन सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक यानी लगातार छह घंटे मौन रहेंगे। इस संबंध में उन्होंने रामभक्तों के नाम एक संदेश भी जारी किया है। उनका यह फैसला ऐसे समय सामने आया है, जब राम मंदिर से जुड़े मामलों को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है। हालांकि मौन व्रत को उन्होंने अपनी धार्मिक साधना का हिस्सा बताया है, लेकिन इसका समय चर्चाओं का विषय बन गया है क्योंकि इसी दौरान चढ़ावा मामले की जांच भी जारी है।

पुराने पहचान पत्र फिर हुए मान्य

इसी बीच मंदिर प्रशासन ने अंतरिम व्यवस्था के तहत चंपत राय के हस्ताक्षर वाले पुराने पहचान पत्र और प्रवेश-पत्र को फिर से अस्थायी रूप से मान्य कर दिया है। कुछ समय पहले इन्हें अमान्य घोषित कर दिया गया था, जिसके बाद मंदिर परिसर में प्रवेश को लेकर कई व्यावहारिक दिक्कतें सामने आने लगी थीं। मंदिर से जुड़े सूत्रों के अनुसार, निर्माण कार्य, रखरखाव और विभिन्न परियोजनाओं की निगरानी प्रभावित हो रही थी। इसी वजह से यह फैसला लिया गया कि नई व्यवस्था लागू होने तक अधिकृत कर्मचारियों, इंजीनियरों और तकनीकी अधिकारियों को पुराने पहचान पत्रों के आधार पर ही प्रवेश दिया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य मंदिर परिसर में चल रहे जरूरी कार्यों को बिना किसी रुकावट के जारी रखना बताया जा रहा है।

SIT जांच में तेजी, प्रशासन ने बनाई नई टीम

राम मंदिर के चढ़ावा मामले की जांच को और प्रभावी बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का पुनर्गठन किया है। नई टीम की कमान आईजी किरण एस को सौंपी गई है। उनके साथ अयोध्या रेंज के डीआईजी सोमेन वर्मा और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर को भी जांच दल में शामिल किया गया है। सरकार का उद्देश्य मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच सुनिश्चित करना बताया जा रहा है। इससे पहले इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच आगे बढ़ने के साथ ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में भी बदलाव हुए। चंपत राय ने महासचिव पद से इस्तीफा दिया, जबकि ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने भी अपना पद छोड़ दिया। अब नई SIT सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर तय होगी।

नई प्रवेश व्यवस्था की तैयारी, जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर

मंदिर प्रशासन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यह व्यवस्था केवल अंतरिम अवधि के लिए लागू की गई है। प्रशासनिक बदलाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नई पहचान पत्र और प्रवेश व्यवस्था लागू की जाएगी। तब तक मंदिर परिसर में काम करने वाले अधिकृत लोगों को पुराने पहचान पत्रों के आधार पर प्रवेश मिलता रहेगा। दूसरी ओर, चढ़ावा मामले की जांच भी लगातार आगे बढ़ रही है और उससे जुड़ी हर गतिविधि पर लोगों की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में SIT की जांच रिपोर्ट और ट्रस्ट की नई प्रशासनिक व्यवस्था दोनों महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। राम मंदिर से जुड़े इस पूरे घटनाक्रम को लेकर श्रद्धालु और आम लोग भी आगे की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि जांच के निष्कर्ष और प्रशासनिक फैसले भविष्य की व्यवस्था तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

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