उत्तर प्रदेश की राजनीति से गुरुवार को एक दुखद खबर सामने आई। समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और आजमगढ़ जिले की निजामाबाद विधानसभा सीट से पांच बार विधायक रहे आलमबदी आजमी का 90 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे आलमबदी आजमी का इलाज लखनऊ के मेदांता अस्पताल में चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने जनता के बीच सादगी, ईमानदारी और जनसेवा की मिसाल पेश की। यही वजह रही कि वे कई दशकों तक लोगों का विश्वास जीतने में सफल रहे।
पांच बार विधायक बने, जनता से रहा गहरा जुड़ाव
आलमबदी आजमी का नाम आजमगढ़ की राजनीति के सबसे सम्मानित नेताओं में लिया जाता था। उन्होंने निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र का कई बार प्रतिनिधित्व किया और लगातार जनता के मुद्दों को सदन तक पहुंचाने का प्रयास किया। उनकी राजनीति का आधार जनसंपर्क और लोगों के बीच रहकर काम करना था। समर्थकों का कहना है कि वे हमेशा आम लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता देते थे और बिना किसी भेदभाव के सभी की मदद करने की कोशिश करते थे। यही कारण था कि वे क्षेत्र के सबसे लोकप्रिय नेताओं में गिने जाते रहे। उनकी कार्यशैली और व्यवहार ने उन्हें राजनीति में एक अलग पहचान दिलाई।
अस्पताल में चल रहा था इलाज, आज होगा अंतिम संस्कार
परिजनों और पार्टी से मिली जानकारी के अनुसार, आलमबदी आजमी को अप्रैल 2026 में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज लगातार चल रहा था, लेकिन उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका। आखिरकार इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए ले जाया जाएगा। परिवार की ओर से बताया गया है कि उनका अंतिम संस्कार गुरुवार शाम 4 बजे जामियातुर रशाद में किया जाएगा। इसी दौरान जनाजे की नमाज भी अदा की जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में समर्थकों और राजनीतिक नेताओं के शामिल होने की संभावना है।
सपा ने जताया शोक, नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
समाजवादी पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए आलमबदी आजमी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। पार्टी ने उन्हें एक लोकप्रिय जनप्रतिनिधि और समर्पित नेता बताते हुए कहा कि उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। पार्टी ने शोक संदेश में उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए इस कठिन समय में हिम्मत देने की कामना की। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके निधन से आजमगढ़ की राजनीति में एक ऐसा खालीपन पैदा हुआ है, जिसे भरना आसान नहीं होगा। आलमबदी आजमी का राजनीतिक अनुभव, सादगी और जनता के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा। उनके निधन के साथ उत्तर प्रदेश की राजनीति ने अपने एक अनुभवी और सम्मानित जननेता को खो दिया है।
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