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UP रेलवे भर्ती बोर्ड में ऐसा खेल, बिना परीक्षा दिए ही मिल गई नौकरी! अब CBI खोलेगी पूरा राज

RRB गोरखपुर की 2018-19 ALP भर्ती में कथित फर्जीवाड़े की CBI जांच तेज हो गई है। बिना परीक्षा नौकरी देने के आरोप समेत पूरे भर्ती रिकॉर्ड की जांच हो रही है।

रेलवे भर्ती बोर्ड

RRB Gorakhpur Recruitment Scam: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में रेलवे भर्ती बोर्ड से जुड़ी पुरानी भर्ती में कथित फर्जीवाड़े की जांच अब सीबीआई ने तेज कर दी है। मामला 2018-19 में हुई सहायक लोको पायलट (ALP) भर्ती से जुड़ा है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद लखनऊ की सीबीआई टीम गोरखपुर पहुंची और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज अपने कब्जे में लिए। अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ कर उनके बयान भी दर्ज किए गए हैं।

1681 अभ्यर्थियों की परीक्षा के बाद उठे सवाल

आरोप है कि ALP भर्ती के लिए रेलवे भर्ती बोर्ड की ओर से दो बार विज्ञापन जारी किया गया था। करीब 1681 अभ्यर्थियों की परीक्षा के बाद पैनल तैयार करने और नियुक्ति की प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी सामने आई। जांच में पैनल तैयार करने, मेडिकल और दस्तावेज सत्यापन से लेकर नियुक्ति तक कई स्तरों पर अनियमितता के आरोप लगे हैं। सीबीआई अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किस स्तर पर नियमों को दरकिनार किया गया और इसमें किन लोगों की भूमिका थी।

बिना आवेदन और परीक्षा के दो युवकों को नौकरी का आरोप

मामले में सबसे गंभीर आरोप 26 अप्रैल 2024 को जारी एक पैनल से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि रेलवे भर्ती बोर्ड के दो कर्मचारियों ने अपने बेटों के नाम कथित तौर पर पैनल में शामिल करा दिए। बताया गया कि राहुल प्रताप और सौरभ कुमार ने भर्ती के लिए आवेदन नहीं किया था और न ही परीक्षा या मेडिकल प्रक्रिया में शामिल हुए थे। इसके बावजूद दोनों का नाम पैनल में आने और मॉडर्न कोच फैक्ट्री, रायबरेली में फिटर पद पर नियुक्ति मिलने का आरोप है। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

पूर्व चेयरमैन समेत कई कर्मचारी जांच के घेरे में

भर्ती प्रक्रिया को लेकर शिकायतों के बाद रेलवे ने भी कार्रवाई की थी। तत्कालीन RRB चेयरमैन पीके राय को नवंबर 2022 में पद से हटाया गया था। कार्यालय सहायक वरुण राज मिश्रा भी अब सेवा में नहीं हैं, जबकि विनय कुमार श्रीवास्तव समेत अन्य कर्मचारियों की भूमिका की जांच बताई जा रही है। अब सीबीआई विजिलेंस की पुरानी रिपोर्ट, भर्ती रिकॉर्ड, पैनल और नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज खंगाल रही है। अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज होने के बाद इस मामले में आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है।

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