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दरोगा बनने का ‘शॉर्टकट’ पड़ा भारी! झांसी में 23 सिपाहियों पर गिरी निलंबन की गाज, ड्यूटी से अचानक गायब 

UP News: झांसी में अनुशासनहीनता पर एसएसपी का बड़ा एक्शन। बिना अनुमति दारोगा भर्ती परीक्षा देने गए 23 पुलिस सिपाहियों को किया गया निलंबित। जानें कैसे एक परीक्षा ने खाकी पर गिराई गाज।

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UP News: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से पुलिस महकमे को झकझोर देने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ खाकी वर्दी के अनुशासन को ताक पर रखना 23 पुलिसकर्मियों को बहुत महंगा पड़ गया। दरोगा (सब-इंस्पेक्टर) बनने का सपना देख रहे इन जवानों ने जोश में आकर ऐसा कदम उठाया कि अब उनकी सिपाही की नौकरी पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने अनुशासनहीनता के इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक साथ 23 सिपाहियों को निलंबित (Suspend) कर दिया है। इस बड़ी कार्रवाई ने पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया है और चर्चा आम है कि आखिर इन जवानों ने इतनी बड़ी लापरवाही कैसे कर दी?

बिना बताए ड्यूटी से हुए ‘लापता’ और पहुँच गए परीक्षा केंद्र

मामला उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित की जा रही उप-निरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, झांसी के विभिन्न थानों और पुलिस चौकियों पर तैनात इन 23 सिपाहियों ने भी दरोगा बनने के लिए आवेदन किया था। नियम के मुताबिक, किसी भी सरकारी कर्मचारी को विभागीय परीक्षा या अन्य किसी परीक्षा में शामिल होने के लिए उच्चाधिकारियों से लिखित अनुमति (NOC) लेनी अनिवार्य होती है। लेकिन इन जवानों ने किसी को कानो-कान खबर नहीं होने दी और अपनी ड्यूटी छोड़कर सीधे परीक्षा देने निकल गए। जब थानों में हाजिरी हुई और एक साथ इतने जवान नदारद मिले, तो अधिकारियों के कान खड़े हो गए।

एसएसपी की रडार पर आए ‘अनुशासनहीन’ सिपाही

जैसे ही यह मामला एसएसपी झांसी के संज्ञान में आया, उन्होंने तुरंत इसकी जांच के आदेश दिए। जांच में खुलासा हुआ कि इन सिपाहियों ने न तो आकस्मिक अवकाश (CL) लिया था और न ही परीक्षा में शामिल होने की कोई पूर्व सूचना दी थी। पुलिस विभाग में बिना बताए ड्यूटी से गायब रहने को गंभीर अनुशासनहीनता माना जाता है। एसएसपी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि पुलिस बल एक अनुशासित बल है और यहाँ मनमानी की कोई जगह नहीं है। आदेश जारी होते ही 23 सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया और उनके खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Enquiry) भी शुरू कर दी गई है।

दरोगा बनने की चाहत में दांव पर लगा करियर

निलंबन की इस कार्रवाई के बाद महकमे में सन्नाटा पसरा हुआ है। सस्पेंड किए गए सिपाहियों में से कई युवा हैं जिनका करियर अभी शुरू ही हुआ था। दरोगा बनने की चाहत और ऊंचे पद का लालच उन पर इस कदर हावी हुआ कि वे बुनियादी नियमों को ही भूल गए। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या ये सिपाही सिर्फ जोश में आकर बिना बताए गए या फिर उन्हें लगा कि विभाग को पता नहीं चलेगा? फिलहाल, इन सभी को लाइन हाजिर करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है। इस कार्रवाई ने अन्य पुलिसकर्मियों के लिए भी एक कड़ा संदेश दिया है कि ड्यूटी और अनुशासन के साथ समझौता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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