उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया मोड़ देखने को मिला है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी बसपा के साथ गठबंधन चाहती है और इसे “नेचुरल अलायंस” मानती है। शौकत अली के अनुसार, मुस्लिम और दलित समुदाय का संयुक्त वोट बैंक सत्ता तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। उनका सोशल समीकरण “20 (मुस्लिम) + 20 (दलित) = 40” इस दिशा में महत्वपूर्ण हो सकता है।
समाज की आवाज उठाने का दावा
शौकत अली ने यह भी कहा कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी के पास 111 विधायक हैं, जिनमें 90 फीसदी मुसलमानों के वोट शामिल हैं, फिर भी सपा मुस्लिम समाज की मजबूती से लड़ाई नहीं लड़ रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर AIMIM के पास सिर्फ 11 विधायक भी होंगे, तो वे संवैधानिक तरीके से अपने समाज की आवाज पूरी ताकत से उठाएंगे। शौकत अली ने प्रदेश में जाति देखकर होने वाले एनकाउंटर पर भी चिंता जताई और कहा कि सत्ता में आने के बाद वे इसे रोकने और अपने लोगों के हित में काम करने का भरोसा देते हैं।
सपा और अन्य पार्टियों से गठबंधन पर स्थिति
गठबंधन को लेकर शौकत अली ने साफ किया कि उनकी पार्टी समाजवादी पार्टी के साथ कोई गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव और शिवपाल यादव पहले ही कह चुके हैं कि वे AIMIM के साथ गठबंधन नहीं चाहते। वहीं, बसपा सुप्रीमो मायावती ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वह 2027 में अकेले चुनाव लड़ेंगी और किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेंगी। इसके बावजूद शौकत अली का कहना है कि उनकी पार्टी गठबंधन के बिना भी लगभग 200 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है।
2027 की सरकार में AIMIM की भागीदारी तय?
शौकत अली ने भरोसा जताया कि 2027 में उत्तर प्रदेश में जो भी सरकार बनेगी, उसमें AIMIM की भागीदारी होगी। उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी तैयारी कर रही है और आगामी चुनाव में अपने समुदाय के हितों के लिए निर्णायक भूमिका निभाने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि दलित चेहरे चंद्रशेखर के साथ गठबंधन की संभावना पर आगे स्थिति स्पष्ट की जाएगी। शौकत अली के इस बयान ने यूपी की राजनीति में नए समीकरण और सस्पेंस पैदा कर दिए हैं।
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