सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध किसी के लिए भी फायदेमंद नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि युद्ध को रोकना जरूरी है, क्योंकि इससे पूरी दुनिया प्रभावित होगी। अखिलेश ने पाकिस्तान की मध्यस्थता पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस मौके का इस्तेमाल भारत को एक वैश्विक नेता के रूप में दिखाने का था। उनका कहना था कि अगर यह अवसर गंवा दिया गया है, तो सरकार को इसके लिए स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
पाकिस्तान की भूमिका और पीएम मोदी पर तंज
अखिलेश यादव ने बताया कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर इस युद्ध को खत्म कराने की कोशिशों में सक्रिय हैं। इस संदर्भ में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की, कहा कि प्रधानमंत्री ने बिना किसी प्रोटोकॉल के पाकिस्तान का दौरा किया था। अखिलेश ने इसे एक महत्वपूर्ण राजनयिक अवसर बताते हुए कहा कि अब भी भारत को इस स्थिति में अपनी कूटनीतिक भूमिका निभानी चाहिए। उनके अनुसार, इस वार्ता में सही दिशा में कदम उठाने से भारत विश्वगुरु की भूमिका मजबूत कर सकता था।
युद्ध का वर्तमान हाल और मध्यस्थता की खबरें
ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध का आज 25वां दिन है। दोनों पक्षों से हमले जारी हैं, लेकिन शांति की उम्मीद भी बढ़ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने 9 अप्रैल को युद्ध को समाप्त करने के लिए कुछ प्रारंभिक शर्तें रखी हैं। वहीं ईरान ने मुआवजे और अन्य शर्तों के साथ बातचीत में अपनी स्थिति स्पष्ट की है। पाकिस्तान की मध्यस्थता में दोनों पक्षों के बीच बातचीत की संभावना इसी हफ्ते बन सकती है। इस संदर्भ में कांग्रेस ने भी पीएम मोदी पर निशाना साधा है और कहा कि वर्तमान स्थिति के लिए भारत सरकार जिम्मेदार है।
संसद में संसद में मीडिया से बातचीत
दिल्ली में संसद भवन परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि भारत को वैश्विक संकटों में शांतिपूर्ण समाधान की भूमिका निभानी चाहिए। इस दौरान उनकी पत्नी डिंपल यादव ने महिला आरक्षण बिल पर भी टिप्पणी की और कहा कि वे देख रहे हैं कि सरकार इसे किस फॉर्मेट में पेश करती है। अखिलेश ने यह स्पष्ट किया कि भारत का ध्यान सिर्फ युद्ध के समाधान पर होना चाहिए और राजनीतिक बयानबाजी इससे दूर रखी जानी चाहिए।
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