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110 ब्रांड पानी पर ताला, 5 घी कंपनियों की बिक्री बंद — आखिर क्या मिला जांच में जिसने मचा दी हलचल?

खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई में 110 बोतलबंद पानी के ब्रांड जांच में फेल पाए गए। डॉ. रोशन जैकब ने लाइसेंस निलंबित कर बिक्री, भंडारण और निर्माण पर रोक लगाई। पांच घी ब्रांड भी अधोमानक मिले। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

राज्य में बोतलबंद पानी की गुणवत्ता को लेकर चलाए गए विशेष अभियान ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की व्यापक जांच में 110 ब्रांड के नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। जांच रिपोर्ट के अनुसार इन ब्रांडों के पानी में बैक्टीरिया और यीस्ट की मौजूदगी पाई गई, जो सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है। यह अभियान कई जिलों में एक साथ चलाया गया था, जिसमें विभिन्न इकाइयों से नमूने एकत्र किए गए। 86 नमूनों की जांच राज्य स्तरीय प्रयोगशालाओं में कराई गई, जबकि 26 नमूनों को केंद्रीय प्रयोगशाला भेजा गया था। सभी की रिपोर्ट में गंभीर खामियां सामने आईं। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के दूषित पानी का लगातार सेवन पेट संबंधी संक्रमण, उल्टी-दस्त और अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। इसी आधार पर विभाग ने तुरंत सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया।

कमिश्नर का सख्त आदेश: लाइसेंस निलंबित, फैक्ट्रियां बंद

एफएसडीए की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद सभी 110 ब्रांड के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं। साथ ही सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि संबंधित फैक्ट्रियों का संचालन रोका जाए और उनके स्टॉक की बिक्री व भंडारण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। आयुक्त ने स्पष्ट कहा है कि जब तक दोबारा मानकों के अनुरूप गुणवत्ता प्रमाणित नहीं होती, तब तक किसी भी स्तर पर उत्पादन या सप्लाई की अनुमति नहीं दी जाएगी। संबंधित कंपनियों को 48 घंटे के भीतर अपने मौजूदा स्टॉक और वितरण की पूरी जानकारी उपलब्ध कराने का आदेश भी दिया गया है। जिलास्तरीय टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि बाजारों, गोदामों और दुकानों पर छापेमारी कर प्रतिबंधित ब्रांड की बिक्री तुरंत रोकी जाए। विभाग ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

घी के 5 ब्रांड भी अधोमानक

बोतलबंद पानी के साथ-साथ घी के पांच ब्रांड भी जांच में अधोमानक पाए गए हैं। इन ब्रांडों में अविक, सलोना गोल्ड, श्री महेश, श्री रुद्र और डेयरी नाइस शामिल हैं। जांच में पाया गया कि इन उत्पादों में गुणवत्ता से जुड़ी गंभीर कमियां हैं, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। विभाग ने इन सभी ब्रांडों की बिक्री, भंडारण और निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। अधिकारियों का कहना है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग अब इन ब्रांडों के नमूनों की विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू करेगा। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को बाजार में उपलब्ध स्टॉक को जब्त करने और उपभोक्ताओं को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई, कई जिलों में छापेमारी जारी

यह पहली बार नहीं है जब बोतलबंद पानी को लेकर इतनी बड़ी कार्रवाई हुई हो। इससे करीब 20 दिन पहले, 24 जनवरी को भी एफएसडीए ने 39 कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनकी बिक्री और सप्लाई पर रोक लगाई थी। उस समय भी जांच में पानी पीने योग्य नहीं पाया गया था। विभाग को मिनरल वाटर, पैक्ड ड्रिंकिंग वाटर और गैर-अल्कोहलिक पेय पदार्थों में गड़बड़ी की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी के चलते विभिन्न जिलों में विशेष अभियान चलाया गया। कई जिलों में ब्रांड स्तर पर कार्रवाई की गई और बाजार से उत्पाद हटवाए गए। अब एक बार फिर बड़े पैमाने पर हुई इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि विभाग गुणवत्ता को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि आगे भी नियमित रूप से जांच अभियान चलाए जाएंगे, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और मानक के अनुरूप उत्पाद मिल सकें।

 

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