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एक परिवार और एक खौफनाक फैसला! ग्रेटर नोएडा में माता-पिता ने जहर खाया, बच्चों की बची जान

ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र में घरेलू कलह के चलते एक दंपती ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली और अपने तीन बच्चों को भी जहर खिला दिया। माता-पिता की मौत हो गई, जबकि बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं और खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें।

ग्रेटर नोएडा से सामने आई यह घटना हर किसी को झकझोर देने वाली है। ईकोटेक-3 कोतवाली क्षेत्र में रहने वाले एक दंपती ने घरेलू कलह से परेशान होकर बेहद खतरनाक कदम उठा लिया। बुधवार रात पति-पत्नी ने जहरीला पदार्थ खा लिया और अपने तीन छोटे बच्चों को भी वही जहर खिला दिया। जब काफी देर तक घर में कोई हलचल नहीं हुई तो आसपास के लोगों को शक हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची और सभी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने पति-पत्नी को मृत घोषित कर दिया। यह खबर फैलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग स्तब्ध रह गए। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक मां-बाप ने अपने बच्चों के साथ इतना बड़ा फैसला ले लिया।

समय पर इलाज से बच्चों की बची जान

इस दर्दनाक घटना में राहत की एकमात्र बात यह रही कि तीनों बच्चों की जान बच गई। बच्चों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने बताया कि समय पर इलाज मिलने से उनकी हालत अब खतरे से बाहर है। फिलहाल तीनों बच्चे डॉक्टरों की निगरानी में हैं और उनका इलाज लगातार चल रहा है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, बच्चों को जहर का असर कम करने के लिए जरूरी दवाएं दी गईं और अब उनकी स्थिति धीरे-धीरे बेहतर हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों को पूरी तरह स्वस्थ होने में कुछ समय लगेगा, साथ ही उन्हें मानसिक रूप से भी संभालने की जरूरत है। अस्पताल में मौजूद मेडिकल स्टाफ बच्चों की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है। इस घटना के बाद हर कोई यही दुआ कर रहा है कि बच्चे जल्द ठीक होकर सामान्य जीवन में लौट सकें।

कौन था यह परिवार, कहां से आकर रह रहा था

पुलिस ने मृत दंपती की पहचान श्रवण पुत्र अमरनाथ पाल और उनकी पत्नी नीलम के रूप में की है। दोनों मूल रूप से प्रयागराज जिले के ग्राम असरवाल कला, थाना एयरपोर्ट क्षेत्र के रहने वाले थे। कुछ समय पहले ही वे ग्रेटर नोएडा के ग्राम सादुल्लापुर, थाना ईकोटेक-3 क्षेत्र में आकर रहने लगे थे। दंपती के तीन बच्चे हैं—वैष्णवी (10 साल), वैभव (8 साल) और लाडो (4 साल)। पड़ोसियों के मुताबिक, परिवार सामान्य जीवन जी रहा था, लेकिन पिछले कुछ समय से घर में आपसी तनाव और विवाद की बातें सामने आ रही थीं। हालांकि किसी ने यह नहीं सोचा था कि हालात इतने बिगड़ जाएंगे। लोग यही कह रहे हैं कि अगर समय रहते किसी ने उनकी परेशानी को समझ लिया होता, तो शायद यह हादसा टल सकता था।

पुलिस जांच में जुटी, कारणों की तलाश जारी

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। दंपती के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। घर से मिले सामान, जहरीले पदार्थ और दंपती के मोबाइल फोन समेत कई सबूत खंगाले जा रहे हैं। साथ ही परिवार के रिश्तेदारों और पड़ोसियों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि घरेलू कलह की असली वजह क्या थी। पुलिस का कहना है कि बच्चों के पूरी तरह ठीक होने के बाद उनसे भी काउंसलिंग के जरिए बात की जाएगी। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि घरेलू तनाव और मानसिक परेशानी को नजरअंदाज करना कितना खतरनाक हो सकता है। समय पर बातचीत और मदद मिल जाए, तो शायद ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सकता है।

 

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