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कौन रच रहा था हथियारों का खेल? कोटा में अवैध पिस्टल के साथ यूथ कांग्रेस से जुड़ा नेता गिरफ्तार

कोटा में अवैध हथियार अभियान के दौरान बोरखेड़ा थाना पुलिस ने यूथ कांग्रेस से जुड़े एक पूर्व पदाधिकारी को पिस्टल और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी के कोहिनूर गैंग से हथियार खरीदने और आगे बेचने की साजिश की जांच जारी है।

राजस्थान के कोटा शहर में अवैध हथियारों के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। Kota के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक युवक को अवैध पिस्टल और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि नया नोहरा रोड इलाके में एक संदिग्ध युवक घूम रहा है, जिसके पास अवैध हथियार होने की आशंका है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की और तलाशी अभियान शुरू किया।

कुछ ही देर में संदिग्ध युवक को रोककर उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके पास से एक पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद हुए। प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी पहले Indian Youth Congress से जुड़ा रहा है और वह एक विधानसभा क्षेत्र का यूथ कांग्रेस अध्यक्ष भी रह चुका है। इस खुलासे के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है, क्योंकि आरोपी की राजनीतिक पृष्ठभूमि भी जांच के दायरे में आ गई है।

कोहिनूर गैंग से खरीद की बात, बेचने की थी तैयारी?

पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने यह पिस्टल ‘कोहिनूर गैंग’ से जुड़े कुछ लोगों से खरीदी थी। हालांकि पुलिस अभी इस बयान की स्वतंत्र पुष्टि कर रही है। जांच एजेंसियों को शक है कि आरोपी इस हथियार को आगे किसी अन्य व्यक्ति को बेचने की योजना बना रहा था। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि संभावित खरीदार कौन था और हथियार का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, कोहिनूर गैंग का नाम पहले भी अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़ता रहा है। ऐसे में यह गिरफ्तारी शहर में सक्रिय हथियार तस्करी नेटवर्क की ओर इशारा करती है। अधिकारियों का कहना है कि यदि सप्लाई चेन की कड़ी जुड़ती है तो यह मामला बड़े गिरोह तक पहुंच सकता है। इसलिए आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।

सप्लाई चेन और आपराधिक रिकॉर्ड की जांच

कोटा पुलिस अब इस मामले की तह तक जाने के लिए कई एंगल से जांच कर रही है। सबसे पहले यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी तक हथियार कैसे पहुंचा और उसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस संभावित बिचौलियों और सप्लायरों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा आरोपी के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल्स और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस यह भी देख रही है कि आरोपी का पहले किसी आपराधिक गतिविधि से संबंध रहा है या नहीं। यदि उसके खिलाफ पुराने मामले सामने आते हैं, तो यह जांच का दायरा और बढ़ा सकता है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध हथियारों की सप्लाई पर रोक लगाने के लिए यह जरूरी है कि पूरी कड़ी को तोड़ा जाए, न कि सिर्फ एक व्यक्ति को पकड़कर मामला बंद कर दिया जाए। शहर में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए पुलिस सख्त रुख अपनाए हुए है।

अदालत में पेशी की तैयारी, अभियान रहेगा जारी

गिरफ्तार आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है और उसे जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस रिमांड की मांग कर सकती है ताकि उससे और जानकारी हासिल की जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शहर में अवैध हथियार रखने या उनकी खरीद-फरोख्त करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

पुलिस का कहना है कि अवैध हथियार न सिर्फ कानून व्यवस्था के लिए खतरा हैं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती हैं। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि भविष्य में किसी बड़ी वारदात को रोका जा सके। इस गिरफ्तारी के बाद कोटा में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में आगे क्या खुलासे होते हैं और क्या इस मामले से किसी बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश होगा।

 

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