पंजाब के मोगा जिले के एक गांव में देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब तेज रफ्तार से आ रही एक स्कॉर्पियो गाड़ी अचानक नियंत्रण खो बैठी और सड़क किनारे बनी दुकान में जा घुसी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुकान के बाहर तीन युवक खड़े होकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान तेज आवाज के साथ गाड़ी सीधे उनकी ओर बढ़ी और उन्हें टक्कर मारते हुए दुकान के शटर और सामान को तोड़ती हुई अंदर जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि आसपास के लोग दहशत में आ गए और कुछ पल के लिए किसी को समझ ही नहीं आया कि हुआ क्या है। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को बाहर निकाला और एंबुलेंस को सूचना दी। इस भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया।
एक युवक की मौत, दो की हालत गंभीर
हादसे में घायल तीनों युवकों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने एक युवक को मृत घोषित कर दिया। बाकी दो घायलों का इलाज जारी है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतक युवक की पहचान स्थानीय निवासी के रूप में हुई है और उसके परिवार में मातम का माहौल है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, घायल युवकों को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल और हादसे की जगह पर इकट्ठा हो गए। परिवारजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। यह दर्दनाक मोगा कार एक्सीडेंट एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर रहा है कि आखिर सड़क पर इतनी तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने की इजाजत कैसे मिल रही है।
पुलिस जांच में सामने आ रही अहम बातें
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने गाड़ी को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि गाड़ी की रफ्तार काफी अधिक थी, जिसके कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि हादसे की असली वजह सामने आ सके। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसे के समय गाड़ी में कितने लोग सवार थे और चालक की स्थिति क्या थी। कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर स्पीड ब्रेकर या चेतावनी संकेतों की कमी भी इस तरह की घटनाओं को बढ़ावा देती है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर चर्चा शुरू हो गई है। गांव के लोगों का कहना है कि इलाके में कई बार तेज रफ्तार गाड़ियों की शिकायत की गई थी, लेकिन ठोस कदम नहीं उठाए गए। विशेषज्ञों का मानना है कि ओवरस्पीडिंग सड़क दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण है और इसे रोकने के लिए सख्त निगरानी और जागरूकता दोनों जरूरी हैं। प्रशासन से मांग की जा रही है कि दुर्घटना स्थल के आसपास स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं और नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए। मोगा में हुआ यह हादसा सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है कि सड़क पर लापरवाही कितनी बड़ी कीमत वसूल सकती है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और घायलों के स्वस्थ होने की दुआ की जा रही है।
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