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मंदिर में हुई तोड़फोड़ के बाद भड़का बवाल, दो पक्षों में जमकर हुआ पथराव, फिर पुलिस ने उठाया ये बड़ा कदम

जबलपुर के सिहोरा में मंदिर में तोड़फोड़ और पथराव की घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया। भारी पुलिस बल तैनात, 15 से ज्यादा लोग हिरासत में। जानिए पूरी घटना क्या है।

मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के सिहोरा थाना क्षेत्र में गुरुवार की रात हालात उस समय बिगड़ गए जब आजाद चौक इलाके में स्थित एक दुर्गा मंदिर में आरती के दौरान विवाद खड़ा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरती के समय लाउडस्पीकर की आवाज को लेकर दो समुदायों के बीच कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और आरती कर रहे एक युवक पर हमला कर दिया गया। बताया जा रहा है कि कुछ उपद्रवी मंदिर परिसर में घुस आए और वहां तोड़फोड़ भी की। सामने आई इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया। खबर फैलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और माहौल गरमा गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि दोनों पक्षों के बीच जमकर पत्थरबाजी शुरू हो गई, जिससे कई लोग घायल हुए। हालात काबू से बाहर होते देख पुलिस को तत्काल अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा।

 पथराव और आंसू गैस से काबू में आई स्थिति

घटना के बाद आजाद चौक और आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। दोनों तरफ से लगातार पथराव होने लगा, जिससे कई दुकानों और वाहनों के शीशे टूट गए। पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने के लिए पहले समझाइश दी, लेकिन जब भीड़ नहीं मानी तो आंसू गैस के गोले छोड़े गए। इसके बाद धीरे-धीरे भीड़ तितर-बितर हुई। प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। सिहोरा क्षेत्र को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसडीएम और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर डटे रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन तनाव बना हुआ है।

मंदिर के साथ घरों में भी तोड़फोड़

स्थानीय लोगों का कहना है कि उपद्रवियों ने सिर्फ मंदिर ही नहीं बल्कि आसपास के कुछ घरों को भी निशाना बनाया। कई घरों के दरवाजे और खिड़कियां तोड़ दी गईं। इससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। लोग रातभर घरों में बंद रहे और पुलिस गश्त करती रही। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 15 से अधिक संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और उपद्रव में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से क्षेत्र का दौरा कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। साथ ही सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर भी निगरानी रखी जा रही है।

संवेदनशील इलाका, पहले भी रह चुका है विवादों में

आजाद चौक का यह इलाका पहले से ही संवेदनशील माना जाता रहा है, क्योंकि यहां मस्जिद और दुर्गा मंदिर आमने-सामने स्थित हैं। ऐसे में छोटी-सी बात भी बड़ा रूप ले सकती है। Jabalpur Violence के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इलाके में लगातार गश्त बढ़ा दी है और अतिरिक्त फोर्स तैनात रखी है। पुलिस ने दोनों समुदायों के वरिष्ठ लोगों के साथ बैठक कर शांति समिति की बैठक भी की, जिसमें सभी से आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कहीं से किसी नई अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। हालांकि एहतियात के तौर पर देर रात तक सख्ती बरती गई और संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

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