उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों और कर्मचारियों को बड़ी सौगात देने के साथ-साथ सोशल मीडिया के सही उपयोग को लेकर भी महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ की शुरुआत करते हुए कहा कि आज के समय में सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधुनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। इनके महत्व को नकारा नहीं जा सकता, लेकिन इनका इस्तेमाल समाज और देश के हित में होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर सकारात्मक, उपयोगी और ज्ञानवर्धक सामग्री साझा करें, ताकि युवाओं को सही दिशा मिल सके। उन्होंने कहा कि तकनीक तभी लाभदायक साबित होगी, जब उसका उपयोग जिम्मेदारी के साथ किया जाए।
छात्रों को सही और गलत की पहचान सिखाने की दी सलाह
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शिक्षकों की जिम्मेदारी केवल कक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि वे समाज को दिशा देने का भी काम करते हैं। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे छात्रों को सोशल मीडिया पर फैलने वाली गलत और भ्रामक जानकारी की पहचान करना सिखाएं। उन्होंने कहा कि युवाओं को यह समझाना जरूरी है कि फर्जी अकाउंट, गुमनाम प्लेटफॉर्म और अपुष्ट जानकारी पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि छात्र सोशल मीडिया पर कम समय बिताएं और पढ़ाई, शोध तथा ज्ञान बढ़ाने वाले कार्यों पर अधिक ध्यान दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सही जानकारी पाने के लिए किताबें पढ़ने, पुस्तकालय जाने और विश्वसनीय स्रोतों से अध्ययन करने की आदत विकसित करनी चाहिए।
संदर्भ पुस्तकों और ज्ञानवर्धक साहित्य पढ़ने पर दिया विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रों और शिक्षकों को पाठ्यक्रम के अलावा भी अध्ययन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि संदर्भ पुस्तकों, प्रेरणादायक साहित्य और विभिन्न ज्ञानवर्धक ग्रंथों का अध्ययन व्यक्ति के सोचने और समझने की क्षमता को बढ़ाता है। उनके अनुसार यदि युवा केवल सोशल मीडिया पर निर्भर रहेंगे तो उन्हें सीमित जानकारी मिलेगी, जबकि पुस्तकों के माध्यम से विषयों की गहराई को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक यदि अपने अनुभव और ज्ञान के माध्यम से विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन देंगे, तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाना आसान होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि शिक्षा और तकनीक का संतुलित उपयोग देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
शिक्षकों की स्वास्थ्य सुरक्षा और समाज निर्माण पर भी सरकार का फोकस
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ भी किया। उन्होंने लाभार्थियों को स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए और कहा कि शिक्षक समाज की नींव मजबूत करने वाले स्तंभ हैं, इसलिए उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। कार्यक्रम के दौरान उच्च शिक्षा विभाग और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के बीच एक समझौता भी हुआ, जिससे शिक्षकों को अतिरिक्त स्वास्थ्य और वित्तीय सुरक्षा का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ और सुरक्षित शिक्षक ही बेहतर शिक्षा व्यवस्था तैयार कर सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि शिक्षक इस योजना का लाभ उठाने के साथ-साथ युवाओं को सकारात्मक सोच, जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों के प्रति भी प्रेरित करेंगे।
