डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन एक विवादित बयान के बाद कानूनी मुश्किलों में घिर गए हैं। मंगलवार को पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया, जिसके बाद इस पूरे मामले ने राजनीतिक और सोशल मीडिया पर जोर पकड़ लिया। हिरासत में लिए जाने के बाद उदयनिधि स्टालिन ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने अपने भाषण में मुख्यमंत्री के अलावा किसी और का नाम नहीं लिया। उनका कहना है कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और वह इस मुद्दे पर इससे अधिक कुछ नहीं कहना चाहते। पुलिस उन्हें उनके घर से पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई, जहां समर्थकों की भीड़ और हल्का हंगामा भी देखने को मिला।
विवादित बयान कैसे बना बड़ी राजनीतिक बहस का कारण?
पूरा मामला तंजावुर में कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। इस कार्यक्रम के दौरान उदयनिधि स्टालिन अपने भाषण में मुख्यमंत्री जोसेफ विजय पर निशाना साध रहे थे। इसी दौरान भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने अभिनेत्री तृषा का नाम लिया। आरोप है कि इसके जवाब में उदयनिधि ने ऐसा बयान दिया जिसे कई लोगों ने डबल मीनिंग और आपत्तिजनक माना। बाद में उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि उनका इशारा केवल कावेरी नदी के पानी की ओर था। हालांकि, उनके इस स्पष्टीकरण के बावजूद विवाद थमता नजर नहीं आया और मामला राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का विषय बन गया।
महिला आयोग तक पहुंचा मामला, विपक्ष ने उठाए सवाल
उदयनिधि स्टालिन के कथित बयान को लेकर तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) ने राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में मांग की गई है कि उदयनिधि को नोटिस जारी कर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। पार्टी का आरोप है कि सार्वजनिक मंच से इस तरह की टिप्पणी महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है। वहीं विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए सरकार पर सवाल उठाए हैं। मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, जहां कुछ लोग कार्रवाई की मांग कर रहे हैं तो कुछ लोग पूरे बयान का संदर्भ सामने लाने की बात कह रहे हैं।
बीजेपी ने की सख्त कार्रवाई की मांग, जांच पर टिकी सबकी नजर
तमिलनाडु बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने भी उदयनिधि स्टालिन के बयान की कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक मंच से इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किसी जिम्मेदार नेता को शोभा नहीं देता। उन्होंने उदयनिधि के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और उन्हें जेल भेजने की मांग भी उठाई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और शिकायतों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच के बाद पुलिस और संबंधित एजेंसियां क्या फैसला लेती हैं और क्या इस विवाद का राजनीतिक असर आने वाले दिनों में और बढ़ेगा।
