प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर बीजेपी की ओर से लोगों से ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने की अपील की गई थी। इस अभियान को लेकर सिटिजन जस्टिस पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अभियान को लेकर अपनी असहमति जताते हुए कई सवाल उठाए और कहा कि देश में बेरोजगारी, शिक्षा और अन्य सार्वजनिक मुद्दों पर भी चर्चा होनी चाहिए।
सौरव दास ने सोशल मीडिया पर क्या कहा?
सौरव दास ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि लोगों ने इस अपील को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने रोजगार की कमी, पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था, खाने-पीने की चीजों में मिलावट और वायु प्रदूषण जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए सरकार से जुड़े सवाल उठाए। उनके बयान का फोकस इस बात पर था कि राजनीतिक आयोजनों के साथ आम जनता से जुड़े मुद्दों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
‘दीया’ जलाने की परंपरा पर भी टिप्पणी
CJP नेता ने अपने बयान में धार्मिक परंपराओं का जिक्र करते हुए कहा कि उनके अनुसार दीया जलाना और आरती जैसी परंपराएं भगवान की पूजा से जुड़ी हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर इस तरह के आयोजन किए जाने पर सवाल खड़ा किया। हालांकि, यह सौरव दास की राजनीतिक टिप्पणी है और इसे उनके व्यक्तिगत/पार्टी के रुख के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
देशभर में हुए ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने लोगों से 17 सितंबर की शाम प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने की अपील की थी। देश के अलग-अलग हिस्सों में इस अभियान से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रधानमंत्री मोदी ने भी जन्मदिन पर मिले शुभकामना संदेशों के लिए लोगों का आभार जताया और ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान को विशेष बताया।
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