उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से एक हैरान करने वाला और स्थानीय विकास के दावों की पोल खोलता हुआ मामला सामने आया है। यहां छानबे विकासखंड के अंतर्गत आने वाले अकोढ़ी गांव में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक पंडित रत्नाकर मिश्र जनसंपर्क अभियान के लिए निकले थे। बुधवार दोपहर करीब तीन बजे उनका काफिला जैसे ही एक स्थानीय रेलवे अंडरपास से गुजरने लगा, वैसे ही उनकी मुख्य गाड़ी भारी कीचड़ और दलदल में अचानक बुरी तरह फंस गई। इस अप्रत्याशित घटना से कुछ देर के लिए मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और कार्यकर्ताओं के हाथ-पांव फूल गए।
ड्राइवर और समर्थकों की घंटो की मेहनत रही नाकाम, आखिरकार मंगवाना पड़ा ट्रैक्टर
गाड़ी के कीचड़ में धंसने के तुरंत बाद विधायक के ड्राइवर और आसपास के स्थानीय ग्रामीणों ने वाहन को बाहर निकालने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। लगातार एक घंटे तक गाड़ी को बाहर खींचने और दलदल से निकालने के तमाम प्रयास किए गए, लेकिन गाड़ी टस से मस नहीं हुई। स्थिति यह बन गई कि पारंपरिक तरीकों से वाहन को निकालना असंभव नजर आने लगा। आखिरकार, हार मानकर मौके पर एक ट्रैक्टर को बुलवाना पड़ा। कड़ी मशक्कत और ट्रैक्टर की मजबूत रस्सी के सहारे खींचकर किसी तरह विधायक की गाड़ी को उस कीचड़ भरे रास्ते से बाहर निकाला जा सका, जिसका यह पूरा वाकया सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया।
जलभराव और जल निकासी की बदइंतजामी से जूझ रहे ग्रामीण, जिम्मेदारों की खुली पोल
यह कोई पहली बार नहीं है जब इस अंडरपास की बदहाली सामने आई हो, बल्कि यहां की तस्वीर हमेशा से ऐसी ही दयनीय रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में या सामान्य दिनों में भी इस रेलवे अंडरपास के भीतर महीनों पानी भरा रहता है और जल निकासी की कोई उचित व्यवस्था न होने के कारण यह रास्ता पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाता है। इस बदहाल मार्ग से गुजरने वाले दोपहिया वाहन चालकों, स्कूली बच्चों और आम जनता को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आज जब खुद एक सत्ताधारी दल के विधायक को इस कीचड़ का सामना करना पड़ा, तो प्रशासन और सिस्टम की नाकामी खुलकर जनता के सामने आ गई है।
सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल, ग्रामीणों ने उठाई स्थायी समाधान की मांग
विधायक की गाड़ी के कीचड़ में फंसने और ट्रैक्टर द्वारा उसे खींचे जाने का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और लोग स्थानीय विकास के दावों पर सवाल खड़े कर रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीणों की पुरानी और जायज मांग को तूल दे दिया है, जिसमें वे लंबे समय से इस अंडरपास पर जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान और पक्की सड़क के निर्माण की गुहार लगा रहे हैं। देखना यह होगा कि इस बड़ी घटना के बाद क्या अब प्रशासन की नींद खुलती है और इस रास्ते को चलने लायक बनाया जाता है या फिर जनता यूं ही कीचड़ में फंसने को मजबूर रहेगी।
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