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क्या संसद तक पहुंच पाएंगे प्रदर्शनकारी? दिल्ली पुलिस ने 3 किलोमीटर पहले ही बनाया सुरक्षा घेरा, ‘चलो संसद’ मार्च पर बड़ा अपडेट

दिल्ली में CJP के 'चलो संसद' मार्च से पहले पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। केरल भवन के पास बैरिकेडिंग, जंतर-मंतर पर भारी पुलिस बल और बिना अनुमति मार्च पर रोक। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

जंतर-मंतर

संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा घोषित ‘चलो संसद’ मार्च को लेकर पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने केरल भवन के पास बैरिकेडिंग कर दी है और उसके आगे किसी को जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। केरल भवन से संसद भवन की दूरी लगभग तीन किलोमीटर है। ऐसे में माना जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर बढ़ने से पहले ही रोक दिया जाएगा। पुलिस सूत्रों का कहना है कि बिना अनुमति किसी भी तरह का मार्च या जुलूस निकालने की इजाजत नहीं होगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है।

जंतर-मंतर पर बढ़ाई गई सुरक्षा

दिल्ली के जंतर-मंतर पर रविवार शाम से ही देश के अलग-अलग हिस्सों से छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी और उनके अभिभावक पहुंचने लगे थे। सोमवार को प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया है। जंतर-मंतर के आसपास बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। फिलहाल प्रदर्शनकारियों को धरना स्थल पर रहने दिया जा रहा है, लेकिन सुरक्षा कारणों से उनके बाहर निकलने पर निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी तरह की भीड़ संसद या अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की ओर न बढ़ सके और राजधानी में सामान्य व्यवस्था बनी रहे।

तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था

संभावित भीड़ और आंदोलन को देखते हुए नई दिल्ली के कई महत्वपूर्ण इलाकों में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। जंतर-मंतर, पार्लियामेंट स्ट्रीट, सेंट्रल विस्टा, कनॉट प्लेस और शंकर चौक सहित कई स्थानों पर तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। इसमें दिल्ली पुलिस की दो परतों के साथ पैरामिलिट्री फोर्स की एक अतिरिक्त परत तैनात की गई है। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीमें भी तैयार रखी गई हैं। खुफिया एजेंसियां लगातार पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते रोका जा सके। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था आम लोगों की सुविधा और शांति बनाए रखने के लिए की गई है।

बिना अनुमति मार्च की नहीं मिलेगी इजाजत

नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (DCP) सचिन शर्मा ने सोशल मीडिया के माध्यम से स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित विरोध मार्च के लिए न तो कोई अनुमति मांगी गई है और न ही किसी प्रकार की मंजूरी दी गई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे कानून का पालन करें और अफवाहों पर ध्यान न दें। पुलिस ने यह भी दोहराया कि राजधानी में लागू नियमों के तहत बिना अनुमति किसी भी प्रकार का जुलूस या मार्च निकालना संभव नहीं है। दूसरी ओर, आंदोलन से जुड़े लोग अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखने की बात कह रहे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि संसद सत्र के दौरान यह आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है और प्रदर्शनकारी तथा प्रशासन के बीच आगे क्या स्थिति बनती है।

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