कारगिल विजय दिवस के अवसर पर प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले देश के वीर शहीदों और सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि यह दिन केवल एक सैन्य जीत का प्रतीक नहीं है, बल्कि देशभक्ति, साहस और बलिदान की अमर गाथा भी है। प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय जवानों ने बेहद कठिन परिस्थितियों में भी अपने अदम्य साहस का परिचय दिया और दुश्मन को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। ऊंचे पहाड़, खराब मौसम और चुनौतीपूर्ण हालात के बावजूद सैनिकों का मनोबल कभी कमजोर नहीं पड़ा। उन्होंने कहा कि देश हमेशा उन वीरों का ऋणी रहेगा जिन्होंने भारत की सुरक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। प्रधानमंत्री ने सभी नागरिकों से शहीदों के त्याग को हमेशा याद रखने और उनसे प्रेरणा लेने की अपील भी की।
युवाओं की मेहनत और नए भारत की ताकत पर जताया भरोसा
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने देश के युवाओं का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि आज भारत का युवा हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने कहा कि खेल, विज्ञान, तकनीक, स्टार्टअप, नवाचार और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भारतीय युवाओं की उपलब्धियां दुनिया का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश का भविष्य युवाओं की ऊर्जा, मेहनत और सकारात्मक सोच पर निर्भर करता है। उन्होंने युवाओं से लगातार सीखते रहने, नए अवसरों को अपनाने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का आग्रह किया। उनके अनुसार, जब युवा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते हैं तो पूरा देश नई ऊंचाइयों तक पहुंचता है। उन्होंने कहा कि भारत का युवा केवल अपने सपनों को पूरा नहीं कर रहा, बल्कि देश के विकास की नई कहानी भी लिख रहा है।
सैनिकों की बहादुरी को बताया आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कारगिल के वीर सैनिकों ने यह साबित कर दिया था कि देश की रक्षा के लिए समर्पण और हिम्मत सबसे बड़ी ताकत होती है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के जवानों ने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य से पीछे हटने का विचार नहीं किया। उनके साहस और अनुशासन ने पूरी दुनिया को भारत की सैन्य क्षमता का परिचय कराया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध की कहानी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के नागरिकों को अपने सैनिकों के प्रति सम्मान और विश्वास हमेशा बनाए रखना चाहिए, क्योंकि सीमा पर उनकी सतर्कता के कारण ही देश सुरक्षित और मजबूत बना हुआ है।
मन की बात के जरिए दिया एकता, सेवा और राष्ट्र निर्माण का संदेश
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर नागरिक अपने स्तर पर समाज और देश के विकास में योगदान दे सकता है। उन्होंने युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने, नई तकनीकों को अपनाने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकता, विविधता और युवाओं का उत्साह है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि देश का हर नागरिक ईमानदारी और समर्पण के साथ अपना कर्तव्य निभाएगा, तो भारत विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। ‘मन की बात’ के इस विशेष कार्यक्रम में देशभक्ति, युवा शक्ति और राष्ट्र निर्माण का संदेश प्रमुख रूप से देखने को मिला, जिसने लाखों श्रोताओं को प्रेरित करने का प्रयास किया।
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