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Lucknow: जेबकतरे या चलते-फिरते करोड़पति? महीने में 20 लाख की कमाई, वारदात के बाद फ्लाइट से हो जाते थे गायब!

Lucknow में क्राइम ब्रांच और SOG ने अंतरराज्यीय जेबकतरा गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरोह की महीने की कमाई 20 लाख रुपये से ज्यादा थी और आरोपी वारदात के बाद फ्लाइट से शहर बदलते थे।

Lucknow News

Lucknow News: लखनऊ में क्राइम ब्रांच और SOG की संयुक्त टीम ने अंतरराज्यीय जेबकतरा गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने मंगलवार रात करीब 11 बजे चारबाग रेलवे स्टेशन के पास से आरोपियों को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महाराष्ट्र के अहमदनगर निवासी संदीप सुधाकर तिजोरी, सोनभद्र निवासी अरविंद गौतम, महाराष्ट्र के नासिक निवासी कुनाल विलास सिरपाठ, मुंबई निवासी जावेद अख्तर और गोंडा निवासी सोनू के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक इनके पास से 1.24 लाख रुपये से ज्यादा नकदी और एक स्कूटी बरामद हुई है। जांच में सामने आया कि यह गिरोह लंबे समय से अलग-अलग राज्यों में यात्रियों को निशाना बना रहा था।

ट्रेन में दोस्ती और फिर मौका मिलते ही सामान गायब

पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म टिकट लेकर दाखिल होते थे और यात्रियों पर नजर रखते थे। ट्रेन में सवार होने के बाद आरोपी यात्रियों से बातचीत कर पहले दोस्ती जैसा माहौल बनाते और मौका मिलते ही उनका सामान या जेब साफ कर देते थे। रेलवे के अलावा स्टेशन के आसपास चलने वाले ई-रिक्शा भी इनके निशाने पर रहते थे। पुलिस का कहना है कि रेल और ई-रिक्शा में सफर करने वाले यात्री इनके लिए आसान निशाना होते थे। आरोपियों के खिलाफ लखनऊ के सैरपुर, दुबग्गा और जानकीपुरम थानों में भी मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

वारदात के बाद फ्लाइट से बदल देते थे शहर

इस गिरोह की सबसे हैरान करने वाली बात उसका काम करने का तरीका बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक आरोपी लगातार वारदात करने के बाद एक शहर में ज्यादा समय तक नहीं रुकते थे। चोरी के बाद मिले पैसों को आपस में बांटकर वे दूसरे शहर चले जाते थे और कई बार वहां पहुंचने के लिए हवाई यात्रा का इस्तेमाल करते थे। इसके बाद महंगे किराये वाले कमरों में ठहरते और नए शहर में यात्रियों को निशाना बनाना शुरू कर देते थे। पुलिस का दावा है कि गिरोह के सदस्यों की जीवनशैली काफी महंगी थी और उनके खर्च भी इसी तरह के थे।

मास्टरमाइंड पर मुंबई में 12 मुकदमे, कमाई ने चौंकाया

पुलिस ने संदीप सुधाकर तिजोरी को गिरोह का मास्टरमाइंड बताया है। उसके खिलाफ मुंबई रेलवे पुलिस स्टेशन में 12 मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आई है। जांच के अनुसार यह गिरोह करीब नौ साल से मुंबई में सक्रिय था और बाद में दूसरे शहरों में भी वारदात करने लगा। पुलिस का दावा है कि गिरोह की कुल मासिक कमाई 20 लाख रुपये से ज्यादा तक पहुंच जाती थी। अब पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उन्होंने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया और दूसरे राज्यों में उनके साथ कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। इस गिरोह की पुरानी वारदातों और संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटाने के लिए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

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