Apple Siri Controversy: Apple के वॉयस असिस्टेंट Siri को लेकर मध्य प्रदेश के उज्जैन में नया विवाद सामने आया है। कुछ संतों और हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया है कि Siri अलग-अलग धार्मिक अभिवादनों पर समान प्रतिक्रिया नहीं देती। दावा किया गया है कि “जय श्री राम” और “जय माता दी” जैसे अभिवादन बोलने पर Siri अपेक्षित जवाब नहीं देती, जबकि “अस्सलामु-अलैकुम” जैसे अभिवादन पर प्रतिक्रिया देती है। इन दावों के आधार पर धार्मिक पक्षपात का आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और Apple की ओर से भी इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इसके बावजूद यह मुद्दा सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
संतों और हिंदू संगठनों ने उठाए सवाल, जांच की मांग तेज
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पंडित पवन पाठक ने दावा किया कि उन्होंने कई अलग-अलग iPhone डिवाइस पर Siri की प्रतिक्रिया को परखा और उन्हें समान व्यवहार नहीं मिला। उनका कहना है कि भारत Apple के लिए एक बड़ा बाजार है, इसलिए कंपनी को सभी धर्मों और आस्थाओं के प्रति समान संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। इसी आधार पर उन्होंने Siri के डेटा और रिस्पॉन्स सिस्टम की समीक्षा करने की मांग उठाई है। वहीं, कुछ अन्य लोगों ने भी तकनीकी स्तर पर इस फीचर की निष्पक्ष जांच कराने की जरूरत बताई है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि अलग-अलग भाषाओं, Siri की सेटिंग्स, क्षेत्र (Region) या सॉफ्टवेयर संस्करण के कारण प्रतिक्रिया में कोई अंतर है या नहीं।
VHP ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, Apple से सुधार की मांग
इस विवाद के बीच विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल की स्थानीय इकाइयों ने भी इस मुद्दे को लेकर विरोध दर्ज कराया है। संगठन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र भेजकर मामले की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि यदि किसी तकनीकी प्रणाली में सभी धर्मों के प्रति समान व्यवहार नहीं दिखता है तो उसे सुधारना चाहिए। कुछ पदाधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि कंपनी इस मामले पर ध्यान नहीं देती है तो राज्य में Apple के स्टोर्स के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा सकता है। हालांकि, इस संबंध में सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है।
Apple की प्रतिक्रिया का इंतजार, तकनीकी जांच से ही साफ होगी तस्वीर
पूरा विवाद फिलहाल आरोपों और दावों पर आधारित है। Apple ने अभी तक इस विषय पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की है। तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी वॉयस असिस्टेंट की प्रतिक्रिया भाषा, लोकेशन, सॉफ्टवेयर अपडेट, AI मॉडल और कमांड की संरचना जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है। ऐसे में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तकनीकी परीक्षण और कंपनी की आधिकारिक सफाई का इंतजार करना जरूरी होगा। आने वाले दिनों में यदि Apple इस विषय पर स्पष्टीकरण जारी करता है या सिस्टम में कोई बदलाव करता है, तो विवाद की स्थिति और अधिक स्पष्ट हो सकती है।
