Ketan Agrawal Murder Case: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस मामले में पुलिस अब हर पहलू को वैज्ञानिक तरीके से जांचने में जुटी है। इसी क्रम में जांच टीम एक बार फिर लोहागढ़ किले पहुंची, जहां कथित तौर पर वारदात हुई थी। पुलिस ने घटनास्थल पर पूरा क्राइम सीन दोबारा तैयार किया ताकि यह समझा जा सके कि घटना के समय क्या हुआ होगा। जांच के दौरान केतन अग्रवाल की लंबाई और वजन के बराबर एक फाइबर डमी को करीब 300 फीट गहरी खाई में फेंका गया। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह पता लगाना था कि शरीर के गिरने की स्थिति कैसी हो सकती है और घटनास्थल से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि कैसे की जा सकती है। पुलिस का मानना है कि इस तरह के परीक्षण से जांच में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
दूसरे आरोपी की गतिविधियों पर भी पुलिस की नजर
जांच एजेंसी केवल घटनास्थल तक ही सीमित नहीं है, बल्कि आरोपियों की गतिविधियों की भी बारीकी से जांच कर रही है। मामले के दूसरे आरोपी चेतन चौधरी का ‘गेट एनालिसिस’ यानी चलने के तरीके का परीक्षण भी कराया गया है। इसके जरिए पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि घटना वाले दिन वह किस रास्ते से गया और उसकी गतिविधियां क्या थीं। इसके अलावा पुलिस ने उस दिन पहनी गई उसकी पैंट भी बरामद कर ली है। जांच अधिकारियों का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की हर कड़ी को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
दोनों आरोपियों की पुलिस हिरासत बढ़ी
मामले में आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी की पुलिस हिरासत अदालत ने पांच दिन और बढ़ा दी है। पुलिस ने अदालत को बताया कि जांच अभी अधूरी है और कई महत्वपूर्ण सबूत जुटाए जाने बाकी हैं। जांच एजेंसी आरोपियों की मौजूदगी में घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण करना चाहती है। साथ ही हत्या के बाद दोनों की गतिविधियों, मोबाइल फोन पर हुई बातचीत और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इन सभी पहलुओं की जांच पूरी होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी। इसी कारण अदालत से अतिरिक्त समय की मांग की गई थी, जिसे मंजूर कर लिया गया।
पासपोर्ट से जुड़ा पहलू भी जांच के दायरे में
जांच के दौरान पुलिस एक और महत्वपूर्ण पहलू की भी जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, सिया गोयल पर आरोप है कि उसने पहले केतन अग्रवाल का पासपोर्ट अपने पास रख लिया था और बाद में उसे नष्ट कर दिया। जांच में यह भी सामने आया है कि परिवार की विदेश यात्रा पासपोर्ट नहीं मिलने के कारण रद्द हो गई थी। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम को हत्या की साजिश से जोड़कर देख रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह सब पहले से बनाई गई योजना का हिस्सा था। इसके अलावा, समूह को घटनास्थल तक ले जाने वाले ड्राइवर के बयान की भी जांच की जा रही है। ड्राइवर ने दावा किया है कि यात्रा के दौरान सिया कुछ समय के लिए अकेले कार के पास गई थी। पुलिस अब इन सभी तथ्यों को जोड़कर पूरे मामले की सच्चाई तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
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