बॉलीवुड के ‘दबंग’ यानी सलमान खान और विवादों का चोली-दामन का साथ रहा है, लेकिन इस बार मामला सिर्फ कोर्ट-कचहरी तक सीमित नहीं रह गया है। सलमान खान की तरफ से दिल्ली हाई कोर्ट में दायर एक याचिका के बाद अब इस पूरे विवाद में एक ऐसा खौफनाक मोड़ आ गया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों के भी कान खड़े कर दिए हैं। फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई के बीच, इसके निर्माता अमित जानी ने एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज दावा किया है। अमित जानी का कहना है कि उन्हें इस फिल्म को रोकने और सलमान खान के साथ समझौता करने के लिए लगातार धमकियां मिल रही हैं। इस नए घटनाक्रम के बाद जहां एक तरफ दिल्ली हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई आगे के लिए टल गई है, वहीं दूसरी तरफ फिल्मी गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक इस बात को लेकर सस्पेंस गहरा गया है कि आखिर इस पूरे विवाद के पीछे का असली मास्टरमाइंड कौन है।
कानूनी दांवपेंच के बीच क्यों टली हाई कोर्ट की सुनवाई?
दरअसल, यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब अभिनेता सलमान खान ने फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ के नाम, इसके प्रमोशन और इसकी रिलीज पर पूरी तरह से रोक लगाने की मांग करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। बुधवार को इस मामले की अहम सुनवाई होनी थी, लेकिन तकनीकी और कानूनी कारणों के चलते इसे आगे के लिए टालना पड़ा। फिल्म के निर्माता अमित जानी ने अदालत के सामने अपनी दलील रखते हुए कहा कि उन्हें इस कानूनी लड़ाई की तैयारी करने के लिए पर्याप्त समय ही नहीं दिया गया। नियमानुसार सुनवाई से काफी पहले याचिका की कॉपी मिल जानी चाहिए थी, लेकिन उन्हें महज दो दिन पहले ईमेल के जरिए कोर्ट के दस्तावेज भेजे गए। पिछली सुनवाई का जिक्र करते हुए निर्माता के वकीलों ने बताया कि सलमान खान के पक्ष ने फिल्म पर तुरंत अंतरिम रोक लगाने की पुरजोर कोशिश की थी, लेकिन माननीय अदालत ने साफ कर दिया कि वह न्याय के सिद्धांतों का पालन करते हुए दूसरे पक्ष को सुने बिना कोई भी एकतरफा आदेश पारित नहीं करेगी।
व्हाट्सएप कॉल और पाकिस्तानी कनेक्शन का सनसनीखेज दावा
इस मामले में सबसे बड़ा और डराने वाला मोड़ तब आया, जब अमित जानी ने कोर्ट की कार्यवाही के इतर मीडिया के सामने कुछ बेहद गंभीर आरोप लगाए। अमित जानी का दावा है कि जिस व्हाट्सएप नंबर का इस्तेमाल करके उन्हें सलमान खान की याचिका की कॉपी भेजी गई थी, ठीक उसी नंबर से उनके पास एक अनजान शख्स का फोन आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम ‘शहजाद भट्टी’ बताया और निर्माता का दावा है कि यह व्यक्ति भारत में नहीं, बल्कि पाकिस्तान में बैठकर इस पूरी साजिश को अंजाम दे रहा है। अमित जानी के अनुसार, फोन पर उन्हें सीधे शब्दों में धमकी दी गई कि वे इस फिल्म के विचार को छोड़ दें और सलमान खान के साथ एक गुप्त बैठक करके इस मामले को हमेशा के लिए रफा-दफा कर लें। इस कॉल ने यह साबित कर दिया है कि यह मामला सिर्फ एक फिल्म के टाइटल या कहानी के कॉपीराइट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार अब सीमा पार से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं।
करोड़ों के मुआवजे का ऑफर और इनकार पर बम से उड़ाने की धमकी
निर्माता अमित जानी ने जो खुलासे किए हैं, वे किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं हैं। उनका आरोप है कि पाकिस्तानी नंबर से फोन करने वाले शख्स ने पहले उन्हें प्यार और पैसे के दम पर मनाने की कोशिश की। अमित जानी को यह लालच दिया गया कि उन्होंने इस फिल्म को बनाने में अब तक जितना भी पैसा निवेश किया है, उसका पूरा का पूरा मुआवजा उन्हें दे दिया जाएगा, बशर्ते वे इस प्रोजेक्ट को यहीं बंद कर दें। लेकिन जब अमित जानी ने इस ऑफर को ठुकरा दिया और झुकने से साफ इनकार कर दिया, तो बात सीधे जान से मारने की धमकी पर आ गई। अमित जानी का दावा है कि फोन पर उन्हें और उनके पूरे परिवार को बम या आधुनिक ड्रोन हमले के जरिए खत्म करने की सीधी धमकी दी गई है। हालांकि, इन दावों में कितनी सच्चाई है, इसकी अभी तक किसी भी जांच एजेंसी या अदालत द्वारा स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इन आरोपों ने फिल्म इंडस्ट्री में डर का माहौल जरूर पैदा कर दिया है।
