बिहार के भोजपुर जिले में भरत तिवारी एनकाउंटर केस एक बार फिर सुर्खियों में है। 17 जून को पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी की मंगलवार को तेरहवीं आयोजित की जा रही है। यह कार्यक्रम उनके पैतृक गांव बिलौटी में होगा, जहां हजारों लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। श्रद्धांजलि सभा और विशाल भंडारे की भी तैयारी की गई है। भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क हो गई है और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
गांव में उमड़ने वाली भीड़, बिहार-यूपी-झारखंड से पहुंच रहे लोग
तेरहवीं कार्यक्रम को लेकर गांव में बड़े स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश और झारखंड से भी बड़ी संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने पहुंच सकते हैं। आयोजन के लिए सामूहिक भंडारे की व्यवस्था की गई है, जिसमें हजारों लोगों के लिए भोजन तैयार किया जा रहा है। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया है। हालांकि, इतने बड़े जमावड़े को देखते हुए प्रशासन भी किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
परिजन कर रहे न्याय की मांग
भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर पहले से ही विवाद बना हुआ है। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि एनकाउंटर के दौरान परिस्थितियां संदिग्ध थीं और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि घटना के समय भरत तिवारी ने हथियार डाल दिए थे, फिर भी गोली चलने से उनकी मौत हो गई। इसी वजह से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग लगातार की जा रही है। परिजन और समर्थक सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
पुलिस ने दर्ज की नई FIR
इस बीच भोजपुर पुलिस ने मामले में एक और एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई यूपी के रायबरेली निवासी दीपक दीक्षित उर्फ पंडित के खिलाफ की गई है। पुलिस का आरोप है कि उसने सोशल मीडिया और वीडियो प्लेटफॉर्म पर पुलिस अधिकारियों को धमकी दी और लोगों को भड़काने की कोशिश की। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ साइबर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
