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भरतपुर में सैनी समाज का बड़ा ऐलान! एक महीने का अल्टीमेटम, मांगें नहीं मानीं तो उठाएंगे ये बड़ा कदम

भरतपुर में सैनी, माली, कुशवाहा, मौर्य और शाक्य समाज की पंचायत में 11 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार को एक महीने का अल्टीमेटम दिया गया। मांगें पूरी नहीं होने पर रेलवे ट्रैक जाम करने की चेतावनी दी गई।

सैनी समाज

राजस्थान के भरतपुर में सैनी समाज की बड़ी पंचायत आयोजित की गई, जिसमें सैनी, माली, कुशवाहा, मौर्य और शाक्य समाज के कई प्रतिनिधि शामिल हुए। इस बैठक में समाज की लंबे समय से चली आ रही 11 मांगों पर चर्चा की गई। पंचायत में फैसला लिया गया कि यदि सरकार एक महीने के भीतर इन मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाती है, तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। समाज के लोगों ने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर रेलवे ट्रैक जाम कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। पंचायत के बाद मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा गया।

12 प्रतिशत आरक्षण सहित कई अहम मांगें उठीं

पंचायत में सबसे बड़ी मांग समाज को अलग से 12 प्रतिशत आरक्षण देने की रही। इसके अलावा महात्मा फुले बोर्ड को अधिक अधिकार और संसाधन देने, संत लिखमीदास महाराज की जन्मस्थली को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने, सेना में सैनी रेजिमेंट बनाने और महात्मा ज्योतिबा फुले व सावित्रीबाई फुले को भारत रत्न देने जैसी मांगें भी रखी गईं। समाज ने आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लेने, बागवानी विकास बोर्ड बनाने, उच्च शिक्षा के लिए विशेष फाउंडेशन बनाने और मंडियों में समाज के लोगों को प्राथमिकता देने की भी मांग की।

पहले भी हो चुका है सड़क जाम आंदोलन

समाज के नेताओं ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब इन मांगों को लेकर आंदोलन किया जा रहा है। इससे पहले भी आगरा-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम कर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की गई थी। उनका कहना है कि हर बार आश्वासन तो मिला, लेकिन मांगों पर अमल नहीं हुआ। इसी वजह से इस बार पंचायत में आगे की रणनीति बनाई गई है। समाज के लोगों का कहना है कि अगर तय समय तक सरकार की ओर से सकारात्मक जवाब नहीं मिला, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

सरकार को एक महीने का समय, फिर होगा अगला फैसला

यदुवंशी सैनी समाज के जिला अध्यक्ष रामेश्वर सैनी ने कहा कि समाज कई वर्षों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहा है। उन्होंने बताया कि पंचायत के बाद सरकार को एक महीने का समय दिया गया है। यदि इस अवधि में मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो 25 जुलाई के बाद रेलवे ट्रैक जाम करने सहित बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। फिलहाल समाज सरकार के जवाब का इंतजार कर रहा है। वहीं प्रशासन की ओर से इस अल्टीमेटम पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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