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CM भगवंत मान के वायरल वीडियो केस में नया मोड़! जांच में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के वायरल वीडियो से जुड़े मामले में गुरुग्राम पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में कथित फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट और 10 लाख रुपये की डील की बात सामने आई है। जानिए पूरा मामला।

Bhagwant Mann

पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के वायरल वीडियो से जुड़े मामले में जांच के दौरान नया मोड़ सामने आया है। गुरुग्राम पुलिस ने कथित फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की गई, जिसमें कई अहम जानकारी सामने आई। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उस पर वीडियो के संबंध में एक खास तरह की रिपोर्ट तैयार करवाने का दबाव बनाया जा रहा था। उसने यह भी आरोप लगाया कि मना करने पर उसे और उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई थी। इन दावों के बाद पुलिस ने पूरे मामले की गहराई से जांच शुरू की।

होटल में हुई मुलाकात, पैसों का भी मिला सुराग

जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि शिकायतकर्ता ने बाद में दो लोगों से संपर्क किया। बताया जा रहा है कि गुरुग्राम के एक होटल में मुलाकात के दौरान कथित फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने को लेकर 10 लाख रुपये की बात तय हुई। पुलिस ने होटल की सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू कर दी है। जांच में कुछ डिजिटल लेन-देन की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे मामले में किसकी क्या भूमिका थी और क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।

दोनों आरोपी पुलिस रिमांड पर

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों का किसी मान्यता प्राप्त फॉरेंसिक लैब से संबंध नहीं मिला है। इसके बावजूद उन पर कथित तौर पर फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने का आरोप है। जांच में यह भी सामने आया कि एक आरोपी के खाते में ऑनलाइन पैसे भेजे गए थे। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। अब उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि रिपोर्ट तैयार करने के लिए किन तकनीकी साधनों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया गया।

जांच जारी, कई सवालों के जवाब बाकी

इस मामले में पुलिस अभी कई पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य सबूतों के आधार पर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जाएगी। शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि दोनों आरोपी पहले अलग-अलग सरकारी कार्यालयों में संविदा के आधार पर काम कर चुके हैं। हालांकि, जांच एजेंसियां अभी किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि इस कथित फर्जी रिपोर्ट के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे और उनके खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

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