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FCRA बिल पर महुआ मोइत्रा का बड़ा हमला, बोलीं- ‘सारी फंडिंग सिर्फ RSS को मिले’, विपक्ष ने JPC की मांग की

FCRA Amendment Bill 2026 को लेकर TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने सरकार पर निशाना साधा। जानें RSS फंडिंग, विदेशी फंड और JPC को लेकर उन्होंने क्या कहा।

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FCRA संशोधन बिल को लेकर लोकसभा में बुधवार को जमकर सियासी बहस हुई। तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा ने बिल का विरोध करते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून के जरिए ऐसे संगठनों पर दबाव बनाया जा सकता है जो सरकार की नीतियों से सहमत नहीं हैं। महुआ ने दावा किया कि विपक्ष की सभी पार्टियां इस बिल को ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) के पास भेजने के पक्ष में थीं। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर अपनी बात रखना चाहता था, लेकिन उसे बोलने का मौका नहीं मिला।

‘सारी फंडिंग RSS को मिले’, महुआ ने सरकार पर कसा तंज

महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि FCRA बिल का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि विदेशी फंडिंग का फायदा केवल कुछ खास संगठनों को मिले। उन्होंने RSS का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा। महुआ ने दावा किया कि RSS के पास बड़ी संपत्ति है और उसकी वित्तीय व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जो संगठन सरकार के पक्ष में नहीं हैं, उनके लाइसेंस रद्द करके उनकी संपत्ति और संसाधनों पर नियंत्रण करने की कोशिश की जा सकती है। हालांकि, ये महुआ मोइत्रा के आरोप हैं और सरकार की ओर से इन दावों पर जवाब इस बयान में सामने नहीं आया है।

‘संगठनों की  पर कब्जे का रास्ता बनेगा’

TMC सांसद ने FCRA बिल को लेकर कहा कि इससे संगठनों की संपत्ति, नकदी और फंड पर नियंत्रण का रास्ता खुल सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस कानून के जरिए जमीन और दूसरी संपत्तियों पर भी कब्जा करने की कोशिश कर सकती है। महुआ ने कहा कि विपक्ष पहले ही इस बिल को वापस लेने की मांग पर एकजुट था। उनके मुताबिक, विपक्ष की अलग-अलग पार्टियों के बीच इस मुद्दे पर कोई बड़ा मतभेद नहीं था। उन्होंने कहा कि विपक्ष की मांग साफ थी कि बिल को आगे बढ़ाने के बजाय वापस लिया जाए।

विपक्ष ने JPC के पास भेजने का किया समर्थन

महुआ मोइत्रा ने कहा कि सरकार की ओर से विपक्ष के बीच मतभेद होने की बात कही जा रही थी, लेकिन उनके अनुसार ऐसा नहीं है। उन्होंने दावा किया कि हंगामे के बीच जब FCRA बिल सदन में आया तो विपक्ष की सभी पार्टियों ने इसे JPC के पास भेजने का समर्थन किया। महुआ ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी सांसद अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन उन्हें बोलने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि विपक्ष बिल को पूरी तरह वापस लेने की मांग करना चाहता था।

क्या है FCRA संशोधन बिल 2026?

FCRA अमेंडमेंट बिल 2026 को 25 मार्च 2026 को लोकसभा में पेश किया गया था। इससे पहले जून में सरकार ने विदेशी फंड प्राप्त करने से जुड़े FCRA नियमों में बदलाव की अधिसूचना जारी की थी। नए नियमों में गैर-सरकारी संगठनों के लिए उनके तय उद्देश्यों और काम के क्षेत्र से जुड़ी शर्तों में बदलाव किए गए हैं। बिल को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच मतभेद बने हुए हैं। मानसून सत्र में इस पर चर्चा की उम्मीद थी, लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण कामकाज प्रभावित रहा। सरकार ने बिल को जांच के लिए ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) के पास भेज दिया है।

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