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‘हिटलर की तरह उतारी प्राइवेट आर्मी…’ जंतर-मंतर के लाठीचार्ज के बाद अखिलेश के इस दावे से दिल्ली में मचा हड़कंप!

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है।

अखिलेश यादव

देश की राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर राजनीतिक जंग का मैदान बन चुका है। छात्रों के उग्र आंदोलन और उन पर हुए लाठीचार्ज के बाद माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक ऐसा विस्फोटक बयान दे दिया है, जिसने केंद्र सरकार की नींद उड़ा दी है। अखिलेश यादव ने जंतर-मंतर की घटना की तुलना इतिहास के सबसे भयानक दौर से करते हुए सीधे तौर पर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उनके इस दावे के बाद देश की राजनीति में भूचाल आ गया है और पक्ष-विपक्ष आमने-सामने खड़े नजर आ रहे हैं।

छात्रों के दमन पर अखिलेश का बड़ा हमला: ‘बिना वर्दी वालों से कराया गया हमला’

सपा प्रमुख ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रति अपनी संवेदना और समर्थन व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए तानाशाही रवैया अपना रही है। अखिलेश यादव ने दावा किया कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठा रहे युवाओं को कुचलने के लिए आधिकारिक पुलिसबल के साथ-साथ ऐसे लोगों को मैदान में उतारा गया जो बिना वर्दी के थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अपने निजी स्वार्थों और तंत्र को बचाने के लिए प्राइवेट सुरक्षाकर्मियों और अज्ञात गुंडों का सहारा लिया। अखिलेश का कहना है कि लोकतांत्रिक देश में अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाने वाले छात्रों के साथ इस तरह का अमानवीय और हिंसक व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

‘हिटलर के दौर की याद दिलाती है सरकार की नीति’

अपने तीखे बयानों के लिए जाने जाने वाले अखिलेश यादव ने इस मामले में जर्मनी के तानाशाह एडॉल्फ हिटलर का उदाहरण देकर मामले को और ज्यादा गरमा दिया। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि हिटलर भी अपने दौर में अपनी निजी सेना और बिना वर्दी वाले दमनकारियों के जरिए आम जनता और विरोधियों की आवाज दबाया करता था। आज देश की केंद्र सरकार भी ठीक उसी राह पर चल रही है। सपा प्रमुख ने कहा कि जिस तरह से जंतर-मंतर पर छात्रों की आवाज को लाठियों के दम पर दबाने की कोशिश की गई, वह साफ तौर पर दिखाता है कि सरकार के भीतर लोकतंत्र का सम्मान पूरी तरह खत्म हो चुका है और वह अब केवल भय का माहौल बनाकर राज करना चाहती है।

दबाव और डर में घिरी केंद्र सरकार: इस्तीफों पर क्यों मौन है शीर्ष नेतृत्व?

अखिलेश यादव यहीं नहीं रुके, उन्होंने केंद्र सरकार की आंतरिक स्थिति पर भी कई गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने बड़ा दावा करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार पूरी तरह से अपने ही मंत्रियों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के बड़े नेताओं के भारी दबाव में काम कर रही है। सरकार के भीतर इस कदर डर का माहौल है कि गंभीर आरोपों और प्रशासनिक विफलताओं के बावजूद प्रधानमंत्री और शीर्ष नेतृत्व अपने मंत्रियों से इस्तीफा मांगने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। अखिलेश के मुताबिक, सरकार का यह डर ही उन्हें जनता और छात्रों के प्रति और अधिक कठोर और आक्रामक बना रहा है, जिससे देश का माहौल बिगड़ता जा रहा है।

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