तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के शुरुआती रुझानों ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव दिखा दिया है। फिल्मी दुनिया के सुपरस्टार थलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) अप्रत्याशित तरीके से सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती नजर आ रही है। 234 सीटों वाले राज्य में TVK करीब 109 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है और बहुमत के आंकड़े के बेहद करीब पहुंच चुकी है। यह नतीजा इसलिए भी खास है क्योंकि पार्टी का गठन महज दो साल पहले हुआ था। विजय की लोकप्रियता और जमीनी स्तर पर उनकी सक्रियता ने चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं, जिससे पारंपरिक राजनीतिक दलों को बड़ा झटका लगा है।
फैन फॉलोइंग बनी जीत की सबसे बड़ी ताकत
तमिलनाडु में विजय की फैन फॉलोइंग किसी भी बड़े राजनीतिक नेता से कम नहीं मानी जाती। उनकी फिल्मों में दिखने वाला सिस्टम के खिलाफ संघर्ष का किरदार इस बार असल राजनीति में भी नजर आया। चुनाव प्रचार के दौरान उनकी रैलियों में भारी भीड़ उमड़ी, जिसने साफ संकेत दिया कि जनता बदलाव के मूड में है। यही जनसमर्थन अब वोटों में तब्दील होता दिख रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय ने युवाओं और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं को खास तौर पर आकर्षित किया, जिससे TVK को अप्रत्याशित बढ़त मिली। यह भी माना जा रहा है कि उनकी साफ-सुथरी छवि और नई राजनीति का वादा लोगों को पसंद आया।
साउथ से बॉलीवुड तक, सितारों ने दी बधाई
जैसे-जैसे रुझान सामने आए, फिल्म इंडस्ट्री से विजय के लिए बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर विजय को शुभकामनाएं देते हुए लिखा कि लोगों का उन पर भरोसा देखना बेहद प्रेरणादायक है। वहीं साउथ के चर्चित अभिनेता नानी ने भी विजय की तारीफ करते हुए इसे “सिनेमाई जीत” बताया और कहा कि जनता ने अपना स्पष्ट फैसला दे दिया है। इसके अलावा निखिल सिद्धार्थ ने भी विजय की इस उपलब्धि को ऐतिहासिक करार दिया और उनके नेतृत्व की सराहना की। इन प्रतिक्रियाओं से साफ है कि विजय की जीत केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री के लिए भी गर्व का पल बन गई है।
क्या तमिलनाडु की राजनीति में आया टर्निंग पॉइंट?
TVK की इस शानदार बढ़त को तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। लंबे समय से राज्य की राजनीति पर पारंपरिक दलों का दबदबा रहा है, लेकिन इस बार एक नए चेहरे और नई पार्टी ने उस संतुलन को चुनौती दी है। अगर अंतिम नतीजे भी इसी दिशा में जाते हैं, तो यह न केवल विजय के लिए, बल्कि पूरे राज्य के राजनीतिक भविष्य के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित होगा। अब सभी की नजरें अंतिम परिणामों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि क्या विजय सच में सत्ता की कुर्सी तक पहुंच पाएंगे।
