पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के रुझानों में बीजेपी की मजबूत बढ़त सामने आते ही पार्टी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय भावुक हो गए। मीडिया से बातचीत के दौरान उनकी आंखें नम हो गईं और उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि लंबे संघर्ष का नतीजा है। उन्होंने बताया कि पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के समर्थन ने यह संभव किया है। उनके मुताबिक, यह पल उनके लिए बेहद खास और भावनात्मक है।
संघर्ष और दबाव का किया जिक्र
विजयवर्गीय ने बातचीत में उन मुश्किल हालातों को भी याद किया, जिनसे वे पिछले कुछ सालों में गुजरे। उन्होंने बताया कि उनके खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए, जिससे उन्हें लगातार कानूनी और मानसिक दबाव झेलना पड़ा। उन्होंने कहा कि उस समय परिस्थितियां ऐसी थीं कि हर कदम सोच-समझकर उठाना पड़ता था। इन चुनौतियों के बावजूद उन्होंने पार्टी के काम से दूरी नहीं बनाई और लगातार रणनीति में जुड़े रहे।
प्रचार से दूर रहने की बताई वजह
सबसे अहम सवाल का जवाब देते हुए विजयवर्गीय ने साफ किया कि वे इस बार पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के लिए क्यों नहीं गए। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ चल रहे मामलों और संभावित कानूनी कार्रवाई के कारण पार्टी ने उन्हें वहां जाने से रोका। उनका मानना था कि अगर वे जाते, तो विवाद बढ़ सकता था और इसका असर चुनाव पर पड़ता। इसलिए उन्होंने संगठनात्मक स्तर पर ही अपनी भूमिका निभाई।
बदलती राजनीति का संकेत
राज्य में मिल रहे रुझानों को लेकर विजयवर्गीय ने कहा कि यह बदलाव की शुरुआत है। लंबे समय से सत्ता में रही TMC को कड़ी चुनौती मिलती दिख रही है, जबकि BJP तेजी से मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि जनता अब विकास और नई सोच की ओर बढ़ रही है। अगर यही रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो यह बंगाल की राजनीति के लिए एक बड़ा मोड़ साबित होगा।
