असम विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना जारी है और शुरुआती रुझानों ने राज्य की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) एक बार फिर मजबूत स्थिति में नजर आ रही है और बहुमत के आंकड़े को पार करती दिख रही है। रुझानों के अनुसार, पार्टी अपने सहयोगियों के साथ मिलकर सरकार बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। दूसरी ओर, कांग्रेस इस बार वापसी की उम्मीद में मैदान में उतरी थी, लेकिन शुरुआती संकेत उसके पक्ष में जाते नहीं दिख रहे। जैसे-जैसे काउंटिंग आगे बढ़ रही है, राजनीतिक समीकरण और स्पष्ट होते जा रहे हैं।
सोनोवाल का दावा—‘हम उम्मीद के मुताबिक आगे’
केंद्रीय मंत्री सरबानंदा सोनोवाल ने रुझानों पर प्रतिक्रिया देते हुए भरोसा जताया कि परिणाम उनकी पार्टी के पक्ष में ही आएंगे। उन्होंने कहा कि बीजेपी के नेतृत्व में एनडीए गठबंधन एक बार फिर सरकार बनाएगा और सीटों का आंकड़ा 100 के करीब पहुंच सकता है। सोनोवाल का यह बयान पार्टी कार्यकर्ताओं के उत्साह को और बढ़ा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जनता ने विकास और स्थिरता के नाम पर बीजेपी पर भरोसा जताया है, जिसका असर इन रुझानों में साफ दिखाई दे रहा है।
कांग्रेस के लिए चुनौती, मुकाबला हुआ दिलचस्प
हालांकि बीजेपी बढ़त बनाए हुए है, लेकिन कुछ सीटों पर मुकाबला बेहद करीबी बना हुआ है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल कई जगहों पर कड़ी टक्कर देते नजर आ रहे हैं। कांग्रेस ने इस चुनाव में स्थानीय मुद्दों और सरकार विरोधी लहर को उठाने की कोशिश की थी, लेकिन फिलहाल उसे उम्मीद के मुताबिक समर्थन मिलता नहीं दिख रहा। फिर भी, अंतिम परिणाम आने तक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं मानी जा सकती, क्योंकि कई सीटों पर अंतर काफी कम है।
क्या बनेगी लगातार तीसरी बार BJP सरकार?
अगर रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो असम में बीजेपी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने में सफल हो सकती है, जो अपने आप में एक बड़ी राजनीतिक उपलब्धि होगी। पार्टी ने पिछले कार्यकाल में विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी थी, जिसे वह अपनी ताकत के रूप में पेश कर रही है। वहीं, चुनाव के अंतिम परिणाम पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह तय करेगा कि असम में सत्ता की कमान किसके हाथ में जाएगी। फिलहाल, रुझानों ने बीजेपी खेमे में उत्साह और विपक्ष में चिंता जरूर बढ़ा दी है।
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