Kerala Election Result 2026: केरल विधानसभा चुनाव 2026 की 140 सीटों पर जारी मतगणना ने राज्य की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। शुरुआती रुझानों में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) बढ़त बनाता नजर आ रहा है, जबकि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) पीछे चल रहा है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक कांग्रेस गठबंधन 80 से ज्यादा सीटों पर आगे है, जो बहुमत के आंकड़े 71 से काफी ऊपर है। वहीं लेफ्ट करीब 50 सीटों पर सिमटा हुआ दिखाई दे रहा है। इन रुझानों ने यह संकेत दे दिया है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन की संभावना बन सकती है, हालांकि अंतिम नतीजों के लिए अभी इंतजार जरूरी है।
लेफ्ट के लिए बड़ा झटका, विजयन भी पीछे
इन रुझानों के बीच सबसे चौंकाने वाली खबर यह है कि मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan अपनी ही सीट पर पीछे चल रहे हैं। अगर यह रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो यह लेफ्ट के लिए बड़ा राजनीतिक झटका साबित हो सकता है। एलडीएफ ने इस बार लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ चुनाव लड़ा था और अपने कामकाज को मुख्य मुद्दा बनाया था। लेकिन शुरुआती आंकड़े इस रणनीति को पूरी तरह सफल नहीं दिखा रहे हैं। पार्टी के लिए अब हर राउंड की गिनती अहम हो गई है, क्योंकि थोड़ा सा बदलाव भी तस्वीर बदल सकता है।
त्रिकोणीय मुकाबले ने बढ़ाई दिलचस्पी
केरल की राजनीति में आमतौर पर सीधा मुकाबला एलडीएफ और यूडीएफ के बीच होता है, लेकिन इस बार कुछ सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय भी देखने को मिल रहा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी कई सीटों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है, जिससे चुनाव और रोचक हो गया है। हालांकि बीजेपी अभी बड़ी संख्या में सीटों पर आगे नहीं दिख रही, लेकिन कुछ इलाकों में वह निर्णायक भूमिका निभा सकती है। यही वजह है कि कई सीटों पर वोटों का बंटवारा हुआ है, जिसका सीधा फायदा कांग्रेस गठबंधन को मिलता नजर आ रहा है।
एग्जिट पोल से अलग दिख रहे रुझान
चुनाव से पहले आए एग्जिट पोल में मुकाबले को काफी करीबी बताया गया था। कई सर्वे में एलडीएफ की वापसी की संभावना जताई गई थी, जबकि कुछ ने सत्ता परिवर्तन का संकेत दिया था। अब जब असली मतगणना के आंकड़े सामने आ रहे हैं, तो तस्वीर एग्जिट पोल से अलग नजर आ रही है। केरल में 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान हुआ था और अब सभी की नजर अंतिम नतीजों पर टिकी है। जैसे-जैसे गिनती आगे बढ़ेगी, यह साफ हो जाएगा कि क्या कांग्रेस अपनी बढ़त को बरकरार रख पाती है या फिर लेफ्ट आखिरी समय में वापसी कर पाता है।
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