भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह (Rinku Singh) के पिता के निधन की खबर से क्रिकेट जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे उनके पिता ने आखिरकार दम तोड़ दिया। बताया गया कि वे स्टेज-4 लिवर कैंसर से पीड़ित थे और हालत बिगड़ने के बाद 21 फरवरी को ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जैसे ही यह दुखद खबर सामने आई, खिलाड़ियों और फैंस ने सोशल मीडिया पर संवेदनाएं व्यक्त करनी शुरू कर दीं। टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने भी ‘ओम शांति’ लिखकर गहरा दुख जाहिर किया। कोहली का यह छोटा लेकिन भावुक संदेश तेजी से वायरल हो गया और फैंस ने भी रिंकू और उनके परिवार के लिए प्रार्थना की।
चेन्नई से सीधे अस्पताल पहुंचे रिंकू
भारतीय टीम हाल ही में जिम्बाब्वे के खिलाफ सुपर-8 का दूसरा मुकाबला खेल रही थी। यह मैच 26 फरवरी को हुआ था, लेकिन रिंकू सिंह को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली थी। इसी बीच परिवार से मिली गंभीर खबर के बाद वे तुरंत चेन्नई से रवाना हुए और शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे ग्रेटर नोएडा पहुंच गए। उनके पिता की हालत पहले से ही नाजुक बताई जा रही थी। परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों से उनका इलाज चल रहा था, लेकिन बीमारी अंतिम चरण में पहुंच चुकी थी। रिंकू अपने पिता के बेहद करीब माने जाते हैं और कई इंटरव्यू में उन्होंने अपने संघर्ष भरे दिनों में पिता के योगदान का जिक्र किया था। ऐसे में यह व्यक्तिगत क्षति उनके लिए बेहद बड़ा झटका है।
Deeply saddened by the news of Rinku’s father’s demise. My heartfelt prayers and thoughts are with you and your family during this difficult time. May you always find strength in his eternal blessings. Om Shanti. 🙏 @rinkusingh235
— Virat Kohli (@imVkohli) February 27, 2026
वेस्टइंडीज के खिलाफ अहम मैच से बाहर
इस दुखद घटना का असर टीम इंडिया की तैयारियों पर भी पड़ा है। Team India को सुपर-8 का अगला मुकाबला 1 मार्च, रविवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलना है। कप्तान Suryakumar Yadav की अगुवाई में टीम इस मैच को हर हाल में जीतना चाहेगी, क्योंकि यह मुकाबला सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए ‘वर्चुअल क्वार्टर फाइनल’ जैसा माना जा रहा है। लेकिन बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने जानकारी दी है कि रिंकू सिंह इस मुकाबले में टीम का हिस्सा नहीं होंगे। यह फैसला परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया है, ताकि रिंकू अपने परिवार के साथ रह सकें। टीम प्रबंधन और खिलाड़ियों ने उनके साथ पूरी सहानुभूति जताई है।
संघर्ष से स्टार बनने तक का सफर और अब मुश्किल घड़ी
रिंकू सिंह की कहानी भारतीय क्रिकेट में प्रेरणा की मिसाल रही है। सीमित संसाधनों के बीच पले-बढ़े रिंकू ने अपनी मेहनत और प्रदर्शन के दम पर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई। हाल के महीनों में उन्होंने कई अहम मौकों पर टीम के लिए उपयोगी पारियां खेलीं और फिनिशर की भूमिका में खुद को साबित किया। ऐसे समय में जब टीम एक अहम टूर्नामेंट खेल रही है, यह व्यक्तिगत दुख उनके करियर का भावनात्मक मोड़ बन गया है। फैंस सोशल मीडिया पर लगातार उनके समर्थन में संदेश लिख रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि वे इस कठिन समय से मजबूत होकर बाहर आएंगे।
वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबला भारत के लिए बेहद अहम है। जीतने वाली टीम सेमीफाइनल का टिकट पक्का करेगी। ऐसे में टीम को संतुलन बनाकर मैदान पर उतरना होगा। हालांकि क्रिकेट से बड़ा परिवार होता है, और इस वक्त पूरा क्रिकेट समुदाय रिंकू सिंह के साथ खड़ा नजर आ रहा है।
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