CJP Protest: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को नैतिक समर्थन देने की बात कही है। 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले इस प्रदर्शन को लेकर उनसे सवाल पूछा गया कि क्या वह खुद इसमें शामिल होंगे? इस पर अखिलेश यादव ने ऐसा जवाब दिया, जिससे उनके शामिल होने को लेकर स्थिति साफ नहीं हो सकी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के समर्थन की बात तो कही, लेकिन कार्यक्रम में जाने की पुष्टि नहीं की। वहीं, चुनाव आयोग को लेकर उन्होंने बीजेपी पर भी गंभीर आरोप लगाए।
CJP के प्रदर्शन में जाएंगे अखिलेश यादव? जानिए क्या बोले सपा प्रमुख
कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर अखिलेश यादव से सवाल किया गया कि क्या समाजवादी पार्टी इसमें शामिल होगी और क्या वह खुद भी पहुंचेंगे। इस पर उन्होंने कहा कि उनका नैतिक समर्थन प्रदर्शन करने वालों के साथ है और यह समर्थन पहले भी था, आज भी है। हालांकि, उन्होंने अपने कार्यक्रमों का हवाला देते हुए प्रदर्शन में शामिल होने की स्पष्ट घोषणा नहीं की। अखिलेश यादव ने बताया कि वह राजनीतिक साथियों और रामगोविंद चौधरी के परिवार से मुलाकात कर रहे हैं। इसके अलावा सैफई में नेताजी से जुड़े कार्यक्रम का भी जिक्र किया। ऐसे में फिलहाल उनका जंतर-मंतर पहुंचना तय नहीं माना जा सकता।
चुनाव आयोग पर अखिलेश यादव ने लगाए भेदभाव के आरोप
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी वर्ष 2022 से ही चुनावी प्रक्रिया में भेदभाव का मुद्दा उठाती रही है। उनके मुताबिक, पार्टी ने मतदाता सूची से नाम काटे जाने को लेकर कई शिकायतें दर्ज कराई थीं। उन्होंने दावा किया कि सपा ने इस मामले में बड़ी संख्या में शपथपत्रों के साथ अपनी शिकायतें आयोग तक पहुंचाईं। अखिलेश का आरोप है कि मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया में निष्पक्षता नहीं बरती गई। हालांकि, ये आरोप सपा प्रमुख की ओर से लगाए गए हैं। इन पर चुनाव आयोग का पक्ष सामने आना भी जरूरी है।
बीजेपी पर फर्जी हस्ताक्षर से वोट कटवाने का आरोप
सपा प्रमुख ने बीजेपी पर मतदाता सूची से नाम हटवाने के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तखत का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने दशरथ नाम के व्यक्ति के नाम पर 100 से अधिक फॉर्म भरे जाने का दावा किया। इसके अलावा नंदलाल निषाद के नाम का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उनके फर्जी हस्ताक्षर कराकर वोट कटवाने की कोशिश की गई। अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि ऐसे मामले सामने आने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि के बिना इन्हें स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को पुलिस की अनुमति नहीं, बढ़ा विवाद
CJP ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की तैयारी की है। हालांकि, खबर में दी गई जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने इस कार्यक्रम की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पुलिस की ओर से कम समय पहले सूचना देने और पहले तय शर्तों का पालन नहीं किए जाने की बात कही गई है। ऐसे में प्रदर्शन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। दूसरी ओर, अखिलेश यादव के नैतिक समर्थन वाले बयान ने इस मामले को राजनीतिक चर्चा में ला दिया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि CJP आगे क्या कदम उठाती है और क्या अखिलेश यादव या समाजवादी पार्टी का कोई प्रतिनिधि प्रदर्शन में शामिल होता है।
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