बिहार के मुजफ्फरपुर में आर्थिक अपराध इकाई (EOW) ने योजना एवं विकास विभाग के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर नारद दास के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच एजेंसी ने उनके मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पटना और मुंगेर स्थित चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मुजफ्फरपुर स्थित फ्लैट से करीब 50 लाख रुपये नकद बरामद होने की जानकारी सामने आई है। बड़ी संख्या में जांच टीमों के पहुंचने के बाद इलाके में भी हलचल बढ़ गई।
फ्लैट से नकदी के साथ सोना और गहने भी मिले
EOW की कार्रवाई के दौरान इंजीनियर के ठिकाने से सिर्फ नकदी ही नहीं, बल्कि सोने के गहने भी बरामद किए गए हैं। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि बरामद सोने की कुल मात्रा कितनी है। सामने आई तस्वीरों में नोटों के साथ कई पर्स और गहने दिखाई दे रहे हैं। अधिकारियों की ओर से बरामद सामान का विस्तृत मूल्यांकन किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। जांच पूरी होने के बाद ही कुल बरामदगी की तस्वीर साफ हो सकेगी।
नया टोला के अपार्टमेंट में हुई कार्रवाई
मुजफ्फरपुर में यह छापेमारी काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के नया टोला स्थित राधिका अपार्टमेंट में की गई। बताया जा रहा है कि यहां मौजूद फ्लैट नारद दास का है। इंजीनियर मूल रूप से भागलपुर के तिलकामांझी के रहने वाले बताए जाते हैं। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में उनके खिलाफ केस दर्ज होने के बाद पटना से सर्च वारंट जारी किया गया था। इसके आधार पर EOW की टीम ने उनके अलग-अलग ठिकानों पर तलाशी शुरू की।
आय से 64.93 प्रतिशत अधिक संपत्ति का आरोप
जांच एजेंसी को शुरुआती जांच में नारद दास की घोषित आय और उनकी संपत्ति के बीच अंतर मिलने की बात सामने आई है। आरोप है कि उनकी संपत्ति उनकी ज्ञात आय से करीब 64.93 प्रतिशत अधिक है। एजेंसी को यह भी संदेह है कि मुजफ्फरपुर में मौजूद फ्लैट की खरीद में अवैध तरीके से अर्जित रकम का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। फिलहाल चारों ठिकानों पर दस्तावेजों, नकदी, आभूषण और अन्य संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। छापेमारी पूरी होने के बाद बरामदगी और मामले से जुड़ी और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
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