बहुजन आंदोलन के प्रमुख नेता और Bahujan Samaj Party के संस्थापक Kanshi Ram की जयंती के अवसर पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने उन्हें याद करते हुए उनके योगदान को नमन किया। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कांशीराम को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने लिखा कि “सामाजिक परिवर्तन के महानायक मान्यवर श्री कांशीराम जी की जयंती पर शत-शत नमन।”
कांशीराम को भारतीय राजनीति में बहुजन आंदोलन को मजबूत करने वाले बड़े नेताओं में गिना जाता है। उन्होंने दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों को संगठित करने के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया। उनकी जयंती पर देश के अलग-अलग हिस्सों में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और उनके विचारों को याद किया जाता है।
PDA राजनीति और अखिलेश का संदेश
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांशीराम जयंती पर अखिलेश यादव का यह संदेश केवल श्रद्धांजलि भर नहीं बल्कि एक राजनीतिक संकेत भी माना जा रहा है। पिछले कुछ समय से अखिलेश यादव ‘PDA’ यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों की राजनीति को लेकर लगातार सक्रिय हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार समाजवादी पार्टी इस सामाजिक समीकरण के जरिए अपनी राजनीतिक ताकत को और मजबूत करना चाहती है। पिछले लोकसभा चुनावों में भी इस रणनीति के कारण पार्टी को कई जगहों पर फायदा मिला था। यही वजह है कि अखिलेश यादव लगातार दलित और बहुजन समाज से जुड़े महापुरुषों को याद करते हुए उनके विचारों पर चलने की बात करते रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले चुनावों को देखते हुए यह रणनीति आगे भी जारी रह सकती है।
मायावती और बसपा नेताओं ने भी दी श्रद्धांजलि
कांशीराम की जयंती पर Mayawati ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि बहुजन समाज पार्टी के जन्मदाता और संस्थापक कांशीराम ने बाबा साहेब B. R. Ambedkar के विचारों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मायावती ने कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन बहुजन समाज को संगठित करने और उन्हें राजनीतिक ताकत दिलाने के मिशन के लिए समर्पित कर दिया था।
इसके अलावा बसपा के राष्ट्रीय संयोजक Akash Anand ने भी कांशीराम को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका संघर्ष और विचार आज भी बहुजन समाज को प्रेरित करते हैं। बसपा कार्यकर्ताओं ने भी कई जगहों पर कार्यक्रम आयोजित कर अपने संस्थापक नेता को याद किया और उनके मिशन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
विपक्ष के नेताओं ने भी किया नमन
कांशीराम की जयंती के मौके पर कई अन्य विपक्षी नेताओं ने भी उन्हें याद किया। Mallikarjun Kharge ने कहा कि सामाजिक न्याय और समानता की लड़ाई में कांशीराम का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने समाज के वंचित वर्गों को आवाज देने का काम किया।
वहीं Priyanka Gandhi Vadra ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि कांशीराम सामाजिक न्याय की विचारधारा के मजबूत स्तंभ थे। उन्होंने अपने आंदोलनों और विचारों के माध्यम से दलित और वंचित वर्गों के अधिकारों को मजबूती दी। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कांशीराम की विरासत आज भी भारतीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और उनके विचार कई दलों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।
Read More-LPG संकट के बीच पीएम मोदी का बड़ा बयान, बोले- जंग का असर भारत पर…
