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धक्का पड़ा और गई जान… जिंदा को ‘मृत’ दिखाकर वोटिंग, TMC कार्यकर्ता खून से लथपथ

पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण में वोटिंग के दौरान हावड़ा में बुजुर्ग की मौत, बर्दवान में जिंदा महिला को मृत घोषित करने का मामला और TMC कार्यकर्ता पर हमला—जानें पूरी खबर विस्तार से।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में बुधवार को वोटिंग के दौरान मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही कई बूथों पर लंबी कतारें लगी रहीं और लोगों ने बढ़-चढ़कर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। हालांकि इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया के बीच कई जगहों से हिंसा, तोड़फोड़ और अव्यवस्था की खबरें भी सामने आईं, जिसने चुनावी माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। कुछ क्षेत्रों में राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई, तो कहीं सुरक्षा बलों और स्थानीय लोगों के बीच भी विवाद की स्थिति बन गई। इन घटनाओं ने चुनाव की निष्पक्षता और सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

बूथ के बाहर गिरा बुजुर्ग, आरोपों से गरमाया माहौल

हावड़ा जिले के उदयनारायणपुर ब्लॉक के खोसालपुर ग्राम पंचायत के बलरामपुर प्राथमिक विद्यालय स्थित बूथ नंबर 245 पर एक दर्दनाक घटना सामने आई। यहां 81 वर्षीय पूर्णचंद्र डोलुई की मौत हो गई। आरोप है कि वह अपने बेटे के साथ मतदान करने पहुंचे थे, लेकिन उनके बेटे को बूथ के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। मजबूरी में बुजुर्ग अकेले ही मतदान करने गए। बताया जा रहा है कि वोट डालकर बाहर निकलते समय देरी होने पर केंद्रीय बल के जवानों ने उन्हें धक्का दे दिया, जिससे वह गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया और राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। हालांकि प्रशासन की ओर से मामले की जांच की बात कही गई है।

‘मृत’ घोषित कर दी गई जिंदा महिला, सिस्टम पर सवाल

पूर्व बर्दवान जिले के केतुग्राम विधानसभा क्षेत्र के नैहाटी स्थित बूथ नंबर 241 पर एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई। झरना विश्वास नाम की महिला जब अपने बेटे और बहू के साथ वोट डालने पहुंचीं, तो उन्हें बताया गया कि चुनाव आयोग की ऑनलाइन सूची में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है। बूथ लेवल अधिकारी ने सूची दिखाते हुए उनकी ‘मौत’ की पुष्टि की, जिसके कारण उन्हें वोट डालने से रोक दिया गया। यह सुनकर झरना विश्वास और उनका परिवार स्तब्ध रह गया। उनकी बहू श्रावणी विश्वास ने बताया कि वे अपनी ‘जिंदा’ सास के साथ वोट देने गए थे, लेकिन सिस्टम में उन्हें मृत बताया गया। अब झरना विश्वास खुद को आधिकारिक तौर पर जिंदा साबित करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।

TMC कार्यकर्ता पर हमला, सिर फूटा और दांत टूटे

इसी दौरान एक और हिंसक घटना में तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यकर्ता पर हमला कर दिया गया। इस हमले में कार्यकर्ता का सिर फूट गया और उसके कई दांत भी टूट गए। घटना के बाद उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। इस हमले को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। अलग-अलग दल एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने के आरोप लगा रहे हैं। चुनाव आयोग और प्रशासन पर भी निष्पक्ष और सुरक्षित मतदान सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ गया है। इन घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि लोकतंत्र के इस महापर्व में जहां एक ओर जनता का उत्साह चरम पर है, वहीं दूसरी ओर अव्यवस्था और हिंसा की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं।

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