Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान एक नया विवाद सामने आया है, जिसने चुनावी माहौल को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है। डायमंड हार्बर क्षेत्र के फाल्टा विधानसभा सीट के कुछ मतदान केंद्रों पर ईवीएम के बटन पर टेप लगे होने की बात सामने आई। आरोप यह है कि कुछ मशीनों में खास तौर पर एक पार्टी के चुनाव चिन्ह के सामने बटन ठीक से दिखाई नहीं दे रहा था। जैसे ही यह जानकारी बाहर आई, वहां मौजूद लोगों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। इस घटना ने चुनाव की पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए।
शिकायत के बाद आयोग का कड़ा रुख
मामला बढ़ने के बाद चुनाव आयोग ने तुरंत हस्तक्षेप किया और स्पष्ट किया कि जहां भी ऐसी गड़बड़ी पाई जाएगी, वहां दोबारा मतदान कराया जाएगा। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनाव निष्पक्ष और साफ तरीके से कराना सबसे जरूरी है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने प्रभावित बूथों की पहचान शुरू कर दी है और वहां फिर से मतदान कराने की प्रक्रिया तय की जा रही है। इस फैसले से यह साफ हो गया है कि आयोग किसी भी शिकायत को गंभीरता से ले रहा है।
भारी मतदान से बढ़ा चुनावी उत्साह
इस विवाद के बावजूद मतदान का उत्साह कम नहीं हुआ है। पहले चरण में 23 अप्रैल को हुए मतदान में रिकॉर्ड स्तर पर वोटिंग दर्ज की गई थी। अब दूसरे चरण में भी बड़ी संख्या में मतदाता मतदान केंद्रों तक पहुंच रहे हैं। लंबी कतारें इस बात का संकेत हैं कि लोग इस बार चुनाव को लेकर काफी जागरूक हैं। ज्यादा मतदान को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपने-अपने पक्ष में माहौल बनने का दावा कर रहे हैं, जिससे चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
दक्षिण बंगाल में सियासी समीकरण अहम
इस बार चुनाव का फोकस दक्षिण बंगाल की सीटों पर भी है, जहां लंबे समय से एक ही पार्टी का दबदबा रहा है। हालांकि पिछले चुनाव में विपक्ष ने कुछ क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत की थी, लेकिन इस इलाके में अभी भी मुकाबला कड़ा माना जा रहा है। ऐसे में EVM से जुड़ा यह विवाद और पुनर्मतदान का फैसला चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि दोबारा मतदान के बाद क्या तस्वीर सामने आती है और किसे इसका फायदा मिलता है।
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