बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी समृद्धि यात्रा के तहत सहरसा पहुंचे थे। जनसभा के दौरान अचानक कुछ महिलाएं बीच में ही कार्यक्रम छोड़कर जाने लगीं। इसे देखकर सीएम नीतीश कुमार गुस्से में नजर आए और उन्होंने जोरदार अंदाज में कहा, “काहे भाग रही है… हम बंद कर दें!” इस बयान के साथ ही उनके अलग अंदाज का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और चर्चा का विषय बन गया।
नीतीश कुमार ने सभा में महिलाओं और आम जनता को चुपचाप बैठने और पूरे कार्यक्रम को देखने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि “देख रहे हैं उधर से उधर जा रही है, भागो मत, यहीं रहिए।” उनके इस अंदाज ने राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी।
तेजस्वी यादव का इशारा और काम की व्याख्या
सभा के दौरान नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों की अप्रत्यक्ष आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि पहले कोई काम हुआ था, अब हम बता रहे हैं जो काम हो रहा है। उन्होंने जनता को इशारा करते हुए कहा कि “सब इधर-उधर मत जाओ, यहीं रहिए।”
उनका यह अंदाज जनता के बीच स्पष्ट संदेश देने के लिए था कि विकास कार्यों और योजनाओं की जानकारी सभी को पूरी तरह समझनी चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि नीतीश कुमार इस तरह अपने विरोधियों पर भी सियासी तंज देते हैं और जनता को विकास के काम से जोड़ते हैं।
विकास के कामों का ब्योरा
सीएम नीतीश कुमार ने सभा में स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने बिहार के सभी तबकों के लिए काम किया है। उन्होंने कहा कि उच्च जाति, दलित, पिछड़ा, अति-पिछड़ा और मुस्लिम समुदाय सभी के लिए योजनाएं चलाई गई हैं।
उन्होंने मदरसों को सरकारी मान्यता देने और उनके शिक्षकों का वेतन अन्य सरकारी शिक्षकों के बराबर करने की बात कही। इसके अलावा, वृद्धजनों, दिव्यांगों और विधवा महिलाओं को मिलने वाली पेंशन को 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दिया गया है, जिससे करीब 14 लाख लोगों को फायदा हो रहा है।
नीतीश कुमार का वायरल अंदाज
सहरसा की सभा का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग अपने-अपने अंदाज में नीतीश कुमार के बयान पर चर्चा कर रहे हैं। कुछ लोग इसे मनोरंजक और अनोखा मान रहे हैं, तो कुछ लोग इसे गुस्से भरा अंदाज बता रहे हैं।
नीतीश कुमार जनता के बीच अपनी अलग शैली और सीधे शब्दों में संदेश देने के लिए जाने जाते हैं। उनका यह अंदाज उनके राजनीतिक करियर का एक हिस्सा बन चुका है।
