पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के रुझानों ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव दिखाना शुरू कर दिया है। शुरुआती आंकड़ों में भारतीय जनता पार्टी को स्पष्ट बढ़त मिलती नजर आ रही है, जिससे सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। दोपहर तक आए रुझानों के अनुसार बीजेपी 190 से ज्यादा सीटों पर आगे चल रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस काफी पीछे दिखाई दे रही है। सरकार बनाने के लिए जरूरी आंकड़ा पार होता दिख रहा है, जिससे सत्ता परिवर्तन की चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच अलग-अलग नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं, जिन्होंने इस चुनाव को ऐतिहासिक बताया है।
हुमायूं कबीर का तीखा बयान
आम जनता उन्नयन पार्टी (AUJP) के संस्थापक हुमायूं कबीर ने रुझानों पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जो नतीजे सामने आ रहे हैं, वह पहले से तय थे और जनता ने अब अपनी नाराजगी जाहिर कर दी है। कबीर ने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों में राज्य में गलत तरीके से काम हुआ और लोगों को धोखा दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बाद जनता बदलाव चाहती थी। उनके बयान के बाद राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है, क्योंकि उन्होंने सीधे तौर पर राज्य के शीर्ष नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं।
#WATCH | West Bengal Elections 2026 | Murshidabad: Aam Janata Unnayan Party (AJUP) chief and candidate from Nowda, Humayun Kabir says, “What can I say? What has happened is good. This was bound to happen. Mamata Banerjee became the CM thrice. She gave so much authority to her… pic.twitter.com/a5j6wirGhd
— ANI (@ANI) May 4, 2026
खुद भी मजबूत स्थिति में कबीर
चुनावी मैदान में हुमायूं कबीर खुद भी सक्रिय हैं और रेजीनगर व नौदा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। रुझानों के अनुसार, वह दोनों सीटों पर आगे चल रहे हैं। रेजीनगर में उनका मुकाबला कड़ा बताया जा रहा है, लेकिन वह बढ़त बनाए हुए हैं। वहीं नौदा सीट पर भी वह मजबूत स्थिति में नजर आ रहे हैं। कबीर ने भरोसा जताया है कि अंतिम नतीजों में वह दोनों सीटें जीतेंगे। अगर ऐसा होता है, तो यह उनके राजनीतिक करियर के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी और राज्य की राजनीति में उनकी भूमिका और मजबूत हो सकती है।
रिकॉर्ड मतदान और बदलती राजनीति
इस चुनाव की एक और खास बात रिकॉर्ड स्तर का मतदान रहा है। दोनों चरणों में मिलाकर 90 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग दर्ज की गई, जो राज्य के इतिहास में सबसे ज्यादा मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ज्यादा मतदान अक्सर बदलाव का संकेत देता है। रुझानों में दिख रही स्थिति ने इस बात को और मजबूत किया है। हालांकि अंतिम नतीजे अभी आने बाकी हैं, लेकिन यह साफ है कि इस बार का चुनाव पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है। अब सभी की नजरें अंतिम परिणामों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि राज्य में अगली सरकार किसकी बनेगी।
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