Home दुनिया पाकिस्तान के सपनों पर फिरा पानी! चीन ने J-35 फाइटर जेट को...

पाकिस्तान के सपनों पर फिरा पानी! चीन ने J-35 फाइटर जेट को लेकर लिया बड़ा फैसला

चीन पाकिस्तान को J-35 पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट क्यों नहीं दे रहा? जानिए अमेरिका, F-16 विमानों, तकनीक लीक होने के खतरे और भारत से जुड़े रणनीतिक कारणों पर पूरी खबर।

J-35 फाइटर जेट

पाकिस्तान लंबे समय से अपनी वायुसेना को और मजबूत बनाने की कोशिश कर रहा है। इसी कड़ी में चीन के पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट J-35 को लेकर कई बार चर्चाएं सामने आ चुकी हैं। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि पाकिस्तान करीब 40 J-35 लड़ाकू विमान खरीदना चाहता है। हालांकि अब तक दोनों देशों के बीच इस सौदे को लेकर कोई आधिकारिक समझौता या अनुबंध नहीं हुआ है। यही वजह है कि यह सवाल लगातार उठ रहा है कि जब चीन और पाकिस्तान इतने करीबी रक्षा साझेदार हैं, तो फिर बीजिंग इस अत्याधुनिक फाइटर जेट की डिलीवरी में देरी क्यों कर रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे सिर्फ व्यापारिक नहीं, बल्कि रणनीतिक और सुरक्षा से जुड़े बड़े कारण भी हैं।

भारत ही नहीं, अमेरिका भी है चीन की चिंता की बड़ी वजह

विशेषज्ञों के अनुसार, अगर पाकिस्तान को J-35 जैसे आधुनिक स्टील्थ फाइटर जेट मिल जाते हैं तो दक्षिण एशिया में सैन्य संतुलन बदल सकता है। फिलहाल भारत और पाकिस्तान, दोनों के पास पांचवीं पीढ़ी के ऑपरेशनल लड़ाकू विमान नहीं हैं। ऐसे में पाकिस्तान को J-35 मिलने से उसे कुछ रणनीतिक बढ़त मिल सकती है। लेकिन चीन फिलहाल क्षेत्र में ऐसा बड़ा बदलाव नहीं चाहता। दूसरी ओर, चीन की सबसे बड़ी चिंता अमेरिका है। पिछले कई वर्षों से अमेरिका और चीन के बीच तकनीक, रक्षा और वैश्विक प्रभाव को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। ऐसे माहौल में चीन अपनी सबसे उन्नत सैन्य तकनीक को किसी भी कीमत पर लीक होने से बचाना चाहता है। यही कारण है कि पाकिस्तान के साथ मजबूत रिश्ते होने के बावजूद चीन इस सौदे को लेकर बेहद सतर्क नजर आ रहा है।

 पाकिस्तान के F-16 विमान बने चीन की सबसे बड़ी परेशानी

पाकिस्तान की वायुसेना के पास अमेरिका से मिले करीब 75 F-16 लड़ाकू विमान मौजूद हैं। इन विमानों की नियमित सर्विस और तकनीकी जांच अमेरिकी विशेषज्ञों की निगरानी में होती है। इसके लिए समय-समय पर अमेरिकी तकनीशियन पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर आते रहते हैं। यदि भविष्य में उन्हीं एयरबेस पर J-35 जैसे आधुनिक चीनी लड़ाकू विमान भी तैनात किए जाते हैं, तो चीन को अपनी अत्याधुनिक तकनीक के लीक होने का खतरा महसूस होता है। रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि यदि J-35 की तकनीकी जानकारी अमेरिका या उसके सहयोगी देशों तक पहुंच गई, तो चीन की स्टील्थ तकनीक और भविष्य की सैन्य योजनाओं को बड़ा नुकसान हो सकता है। इसलिए बीजिंग इस मुद्दे पर कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।

क्या भविष्य में हो सकती है डील? चीन की शर्तें होंगी सबसे अहम

रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन चाहता है कि यदि पाकिस्तान भविष्य में J-35 फाइटर जेट खरीदे, तो उन सैन्य अड्डों पर अमेरिकी F-16 विमान या उनसे जुड़े तकनीकी कर्मचारी मौजूद न हों। यानी चीन पहले अपनी सुरक्षा और तकनीकी गोपनीयता सुनिश्चित करना चाहता है। हालांकि यह भी सामने आया है कि कुछ पाकिस्तानी पायलट J-35 उड़ाने से जुड़ी ट्रेनिंग ले चुके हैं, जिससे साफ है कि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग जारी है। फिलहाल किसी आधिकारिक समझौते की घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि पाकिस्तान को J-35 कब मिलेगा। लेकिन इतना तय है कि इस डील का फैसला सिर्फ हथियार खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें चीन, पाकिस्तान, अमेरिका और दक्षिण एशिया की सामरिक राजनीति भी बड़ी भूमिका निभा रही है।

Read More-वर्दी पहनकर करता था करोड़ों की वसूली! FBI की जांच में खुला इंस्पेक्टर का बड़ा राज

 

Exit mobile version