ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच रूस ने अमेरिका की हालिया सैन्य कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि अमेरिका का यह कदम दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की कोशिशों के खिलाफ है। उनका कहना है कि किसी भी विवाद का हल बातचीत से निकलना चाहिए, न कि सैन्य कार्रवाई से। रूस का मानना है कि इस तरह के कदम पूरे क्षेत्र की शांति और सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं।
समझौता तोड़ने का लगाया आरोप
रूस ने अमेरिका पर पहले हुए समझौतों की भावना का सम्मान न करने का आरोप लगाया है। लावरोव ने कहा कि जब देश आपसी बातचीत से समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हों, तब सैन्य कार्रवाई से हालात और खराब हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में किसी भी समझौते को लेकर भरोसा बनाना मुश्किल हो सकता है, अगर पुराने वादों का पालन नहीं किया जाता।
ईरान ने भी उठाए सवाल
ईरान ने भी अमेरिकी कार्रवाई की आलोचना की है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से क्षेत्र में शांति बनाए रखने की कोशिशों को नुकसान पहुंचा है। ईरान का दावा है कि कुछ नागरिक सुविधाओं और जरूरी ढांचे पर भी असर पड़ा है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसके बावजूद इस मुद्दे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज कर दी है और कई देश स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
होर्मुज जलमार्ग को लेकर बढ़ी चिंता
तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) एक बार फिर चर्चा में आ गया है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। ईरान ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए यहां जहाजों की आवाजाही पर सख्त रुख अपनाया है। वहीं अमेरिका का कहना है कि वह इस समुद्री मार्ग को सुरक्षित बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है तो इसका असर तेल की कीमतों और वैश्विक व्यापार पर भी पड़ सकता है।
