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मोदी-मैक्रों की बड़ी डील! भारत में बनेगा ऐसा हेलीकॉप्टर जो छुएगा आसमान की आखिरी सीमा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत-फ्रांस ने H-125 हेलीकॉप्टर को भारत में बनाने और दुनिया को निर्यात करने का ऐलान किया। जानें रणनीतिक साझेदारी, आतंकवाद पर रुख और नई टेक्नोलॉजी पहल की पूरी खबर।

प्रधानमंत्री Narendra Modi और फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron के बीच हुई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक ऐसा ऐलान हुआ जिसने भारत-फ्रांस संबंधों को नई ऊंचाई दे दी। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस मिलकर ऐसा हेलीकॉप्टर बनाएंगे जो माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकेगा। यह हेलीकॉप्टर H-125 मॉडल पर आधारित होगा और इसे भारत में तैयार किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि यह दुनिया का पहला ऐसा हेलीकॉप्टर होगा जो इतनी ऊंचाई पर उड़ान भरने में सक्षम होगा और भारत इसे वैश्विक बाजार में निर्यात भी करेगा।

पीएम मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि फ्रांस भारत का सबसे पुराना और भरोसेमंद स्ट्रैटेजिक पार्टनर है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने अपने संबंधों को “स्पेशल, ग्लोबल और स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” के रूप में स्थापित किया है। यह साझेदारी केवल रक्षा या तकनीक तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक स्थिरता और विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2026 भारत-यूरोप संबंधों के लिए एक अहम साल साबित होगा और हाल ही में यूरोपीय संघ के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से भारत-फ्रांस संबंधों को भी नई रफ्तार मिलेगी।

इनोवेशन से एक्सपोर्ट तक, भारत बनेगा मैन्युफैक्चरिंग हब

संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने कहा कि “इनोवेशन आइसोलेशन से नहीं, बल्कि कोलेबोरेशन से होता है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत और फ्रांस मिलकर रिसर्च, टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री के क्षेत्र में गहराई से काम करेंगे। H-125 हेलीकॉप्टर का भारत में निर्माण ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ की सोच को मजबूत करेगा। इससे भारत एक बड़े एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभरेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि दोनों देश हेल्थ सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए इंडो-फ्रेंच सेंटर स्थापित करेंगे। इसके अलावा डिजिटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी और एयरोनॉटिक्स में स्किलिंग के लिए नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत की जाएगी। ये पहल भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए की जा रही हैं, ताकि नई पीढ़ी को आधुनिक तकनीक और कौशल से लैस किया जा सके। छात्र और शोधकर्ताओं के आदान-प्रदान को भी और आसान बनाया जाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच ज्ञान और अनुभव साझा करने की प्रक्रिया मजबूत होगी।

आतंकवाद और वैश्विक तनाव पर साझा रुख

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीएम मोदी ने आतंकवाद और वैश्विक संघर्षों पर भी स्पष्ट रुख रखा। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस आतंकवाद के हर रूप और स्वरूप को जड़ से मिटाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। चाहे वह सीमा पार से प्रायोजित आतंकवाद हो या किसी अन्य रूप में फैला उग्रवाद, दोनों देश मिलकर इसका सामना करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया इस समय अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है और ऐसे समय में मजबूत साझेदारी ही स्थिरता ला सकती है।

उन्होंने यूक्रेन, पश्चिम एशिया और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चल रहे तनाव का जिक्र करते हुए कहा कि भारत हर क्षेत्र में शांति प्रयासों का समर्थन करता रहेगा। भारत-फ्रांस साझेदारी केवल द्विपक्षीय लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक शांति और संतुलन के लिए भी अहम है। पीएम मोदी ने कहा कि इंटरनेशनल सोलर अलायंस और IMEC जैसे मंचों के जरिए दोनों देश मिलकर दुनिया में समृद्धि और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देंगे।

संस्कृति से टेक्नोलॉजी तक, नए अध्याय की शुरुआत

प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि जल्द ही फ्रांस में स्वामी विवेकानंद कल्चर सेंटर की स्थापना की जाएगी। यह कदम दोनों देशों के सांस्कृतिक रिश्तों को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच संबंधों की कोई सीमा नहीं है और यह साझेदारी लगातार नए आयाम छू रही है। रक्षा, तकनीक, शिक्षा, ऊर्जा और संस्कृति—हर क्षेत्र में सहयोग बढ़ रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत-फ्रांस संबंध एक नए अध्याय में प्रवेश कर चुके हैं। यह साझेदारी केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करने के लिए नहीं, बल्कि भविष्य को सुरक्षित और समृद्ध बनाने के लिए है। एवरेस्ट की ऊंचाई तक उड़ान भरने वाले हेलीकॉप्टर का निर्माण इस बात का प्रतीक है कि दोनों देश बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की क्षमता रखते हैं। आने वाले वर्षों में यह सहयोग वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका को और मजबूत करेगा और फ्रांस के साथ संबंधों को नई दिशा देगा।

 

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