ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की शुरुआत के साथ ही राजधानी तेहरान में लोगों का बड़ा हुजूम देखने को मिला। शहर की कई मुख्य सड़कों पर सुबह से ही हजारों-लाखों लोग जमा होने लगे। ईरानी प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में अंतिम दर्शन के लिए लोगों की संख्या और बढ़ सकती है। सरकार के अनुसार, तीन दिनों के भीतर करीब 1.5 से 2 करोड़ लोगों के तेहरान पहुंचने की संभावना है। अगर ऐसा होता है, तो यह दुनिया के सबसे बड़े अंतिम संस्कार समारोहों में से एक माना जा सकता है। सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद कड़ी कर दी गई है ताकि श्रद्धांजलि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से पूरे हो सकें।
राजकीय सम्मान के साथ दी जा रही अंतिम विदाई
शनिवार सुबह खामेनेई का ताबूत पूरे राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि स्थल पर लाया गया। ताबूत को ईरान के राष्ट्रीय ध्वज में लपेटा गया था और उसके ऊपर उनकी पहचान मानी जाने वाली काली पगड़ी रखी गई थी। उनके साथ उन परिवार के सदस्यों के ताबूत भी रखे गए, जिनकी मौत उसी हमले में हुई थी। श्रद्धांजलि देने पहुंचे लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। ईरान सरकार ने छह दिनों का शोक कार्यक्रम घोषित किया है, जिसमें अलग-अलग स्थानों पर धार्मिक और राजकीय आयोजन किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में देशभर से लोग लगातार शामिल हो रहे हैं।
दुनिया भर के नेताओं की मौजूदगी
खामेनेई को श्रद्धांजलि देने के लिए कई देशों के प्रतिनिधि और वरिष्ठ नेता तेहरान पहुंचे हैं। ईरानी मीडिया का दावा है कि हाल के वर्षों में यह देश का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय शोक समारोह बन सकता है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान भी चर्चा का विषय बना हुआ है। अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान को अंतिम संस्कार के लिए एक सप्ताह का समय दिया क्योंकि वह “अच्छा” देश है। ट्रंप के इस बयान पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, ईरान की ओर से इस टिप्पणी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
पूरी दुनिया की नजर तेहरान पर टिकी
खामेनेई के अंतिम संस्कार ने सिर्फ ईरान ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी, विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की भागीदारी और मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण यह आयोजन वैश्विक चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्यक्रम के बाद मध्य पूर्व की राजनीति में नए घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल तेहरान में शोक कार्यक्रम जारी हैं और लाखों लोग अपने पूर्व सर्वोच्च नेता को अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं। दुनिया की नजर अब इस बात पर है कि इस आयोजन के बाद क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या बदलाव देखने को मिलते हैं।
