स्थानीय लोगों और पुलिस ने शुरू किया राहत कार्य
दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और बचाव कार्य शुरू किया। इसके बाद पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। राहत और बचाव अभियान के दौरान घायलों को तुरंत एंबुलेंस और अन्य वाहनों की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विक्रमजोत भेजा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा काफी भयावह था और बस के नीचे गिरते ही आसपास के लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। समय रहते बचाव कार्य शुरू होने से कई यात्रियों की जान बचाई जा सकी।
दर्जन भर यात्री घायल, कई को हायर सेंटर रेफर
हादसे में बस चालक, परिचालक समेत करीब एक दर्जन यात्री घायल हो गए। घायलों में महिलाएं, पुरुष और एक बच्ची भी शामिल हैं। अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि कुछ यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद चार घायलों को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है। अन्य घायलों का इलाज स्थानीय अस्पताल में किया गया और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार गंभीर रूप से घायल यात्रियों की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि उन्हें समय पर उचित उपचार मिल सके।
हादसे की जांच शुरू, परिजनों को दी गई सूचना
पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी में ओवरटेक के दौरान हुई टक्कर को दुर्घटना की मुख्य वजह माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घायलों के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है। साथ ही दुर्घटनाग्रस्त बस और डीसीएम को हटाकर यातायात व्यवस्था भी सामान्य कर दी गई है। प्रशासन ने लोगों से सड़क पर सावधानी बरतने और तेज रफ्तार से वाहन न चलाने की अपील की है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
