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700 कूलर, 2000 पंखे और PM मोदी का दौरा… हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे बनेगा इतिहास?

हरदोई में PM मोदी 29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे। कार्यक्रम के लिए 700 कूलर, 2000 पंखे, 30 LED स्क्रीन और कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। यह आयोजन यूपी के विकास में बड़ा कदम माना जा रहा है।

गंगा एक्सप्रेसवे

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में 29 अप्रैल 2026 को होने वाले गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्घाटन करेंगे, जिसके लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है।
मल्लावां-राघौपुर रोड के बीच बंदीपुर और कल्याणपुर गांवों के पास विशाल सभा स्थल तैयार किया गया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में करीब दो लाख लोग शामिल हो सकते हैं। इसी को देखते हुए आयोजन स्थल को 65 हेक्टेयर से बढ़ाकर 144 हेक्टेयर किया गया है, ताकि भीड़ को बेहतर तरीके से संभाला जा सके और कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

गर्मी से राहत और लोगों के लिए खास इंतजाम

भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए आयोजन स्थल पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रशासन ने 3 बड़े पंडाल, लगभग 1.5 लाख कुर्सियां, 700 कूलर और 2000 पंखों की व्यवस्था की है ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
इसके अलावा 200 मोबाइल शौचालय और 500 पानी के टैंकर भी लगाए गए हैं, जिससे भीड़ को सुविधाएं मिल सकें। कार्यक्रम को हर व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए 30 बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं, ताकि दूर बैठे लोग भी लोकार्पण समारोह को लाइव देख सकें। यह पूरा आयोजन आधुनिक और हाईटेक व्यवस्था के साथ तैयार किया जा रहा है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। पूरे क्षेत्र को 9 सुपर जोन, 19 जोन, 61 सेक्टर और 109 सब-सेक्टर में बांटा गया है।
हर स्तर पर पुलिस और प्रशासन की टीम तैनात है। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, बैरिकेडिंग और चेकिंग प्वाइंट्स के जरिए सुरक्षा को चाक-चौबंद किया गया है। हरदोई के साथ-साथ आसपास के जिलों की पुलिस भी ड्यूटी पर लगाई गई है।
प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल के लिए अलग-अलग हेलिपैड बनाए गए हैं, जहां ट्रायल लैंडिंग भी सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है।

गंगा एक्सप्रेसवे: विकास और संस्कृति का बड़ा संगम

गंगा एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि इसे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक भविष्य की रीढ़ माना जा रहा है। इस परियोजना के लिए लगभग 1100 किसानों की जमीन का उपयोग किया गया है।
कार्यक्रम स्थल के पीछे एक विशेष बालू कला प्रदर्शनी भी तैयार की जा रही है, जिसमें मेरठ से प्रयागराज तक की सांस्कृतिक झलक दिखाई जाएगी। यह आयोजन विकास और संस्कृति दोनों को जोड़ने का प्रयास है।
गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के बाद उम्मीद की जा रही है कि उत्तर प्रदेश में निवेश, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी, जिससे यह परियोजना राज्य के विकास में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकती है।

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